अशोक गहलोत की भूमिका में होगा बदलाव! जोे मानेसर कांड के जिक्र से फिल्डिंग जमा रहे हैं

अशोक गहलोत की भूमिका में होगा बदलाव! जोे मानेसर कांड के जिक्र से फिल्डिंग जमा रहे हैं
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✍️ मनीष बागड़ी

जयपुर : पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान की सियासत में काफी चर्चा में चल रहे हैं। राजनीति के जादूगर नाम से फेमस गहलोत एक तरफ दिल्ली में सचिन पायलट से हाथ मिलाकर सियासत को चौका रहे है। वहीं दूसरी तरफ पायलट को फिर से मानेसर एपिसोड भी याद दिलाया है। गहलोत ने बयानों के माध्यम से पार्टी हाई कमान को यह याद दिला दिया कि हाईकमान कही मानेसर एपिसोड़ को भूल न जाएं। सियासी गलियारों मेें चर्चा है कि आखिर गहलोत क्यों चाहते कि पार्टी मानेसर कांड को नहीं भूले? इसको लेकर गहलोत की कोई बड़ी रणनीति तो नहीं? राजनीतिक एक्सपर्ट की भी अपनी अलग-अलग समीकरणे हैं। कुछ लोग इसे गहलोत की राजनैतिक भूमिका में होने वाले कोई बड़े बदलाव से भी जोड़ रहे है।

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आखिर गहलोत क्यों नहीं भूलने दे रहे हैं मानेसर एपिसोड़

गहलोत सरकार के दौरान मानेसर कांड काफी चर्चा में रहा, लेकिन मानेसर कांड का जिन्न एक बार फिर राजस्थान की सियासत में जिंदा हो गया है। बीते दिनों अशोक गहलोत के जो सियासी बयान सामने आए हैं, उसको लेकर सब आश्चर्य चकित है। आखिर गहलोत बार-बार क्यों मानेसर कांड का जिक्र कर रहे हैं, क्यों सचिन पायलट के साथ पार्टी हाईकमान को भी याद दिलाने से नहीं चूक रहे है? क्या इसके पीछे गहलोत की कोई बड़ी रणनीति है। इसको लेकर सियासी गलियारों में जमकर चर्चा है। क्या इसके पीछे कांग्रेस में कोई आने वाला बड़ा बदलाव तो नहीं?

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मानेसर कांड को लेकर गहलोत ने की क्या बड़ी फील्डिंग सेट?

अशोक गहलोत मानेसर कांड को लेकर बार-बार उन जख्मों को कुरेद रहे है। इसके पीछे उनकी क्या मंशा है, आखिर इस मुद्दे को वापस याद दिलाने के पीछे कहीं गहलोत की कोई बड़ी रणनीति तो नहीं! चर्चा यह भी है कि कांग्रेस में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसको लेकर गहलोत के राजनीतिक भूमिका में बड़े बदलाव के भी कयास लगाए जा रहे है। ऐसे में राजनीतिक जानकार गहलोत की बदलने वाली भूमिका को भी इस प्रकरण से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा यह भी है कि शायद गहलोत की भूमिका में बड़ा बदलाव हो सकता हैं। इसी के चलते वह राजस्थान की सियासत में कुछ ऐसा करने का प्रयास कर रहे हैं, जो उनके आगामी राजनीतिक भूमिका से जुड़ा हुआ हो।

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सचिन पायलट को भी गहलोत ने दिया बड़ा संदेश

टोंक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के दौरान बीजेपी प्रभारी राधा मोहन अग्रवाल का बयान सियासत में बवाल पैदा कर रहा हैं। सचिन पायलट को लेकर अब अमर्यादित बयान पर गहलोत ने फिर से मानेसर कांड का राग अलापते हुए तंज कस दिया। इस तंज के पीछे गहलोत ने पायलट को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा था कि पहले उनको (पायलट) को बहला फुसला दिया था, तब वह मानेसर चले गए थे, लेकिन अब पायलट को अनुभव हो गया है कि इस प्रकार की गलती करने से क्या अंजाम होते हैं? वह समझ गए हैं और संभल भी गए हैं। गहलोत ने पायलट को संकेत देने की कोशिश की है कि उनकी गलती से उन्हें कितना नुकसान उठाना पड़ा। बता दें कि कांग्रेस सरकार में पायलट पूरी तरह हाशिये पर रहे। यहां तक की पायलट को अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा था।

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कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में भी दिखा चुके हैं जलवा

राजनीति के जादूगर अशोक गहलोत ने हर बार अपना जलवा दिखाया है। इसका उदाहरण कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में भी देखने को मिला, जहां साल अक्टूबर 2022 को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए गांधी परिवार गहलोत को बनाना चाहते थे, लेकिन गहलोत की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की बिल्कुल इच्छा नहीं थी, क्योंकि उस समय गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। इस दौरान राहुल गांधी ने एक बयान दिया। जिसमें उन्होंने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर जोर दिया। गहलोत शुरू से राजस्थान की सियासत नहीं छोड़ना चाहते थे। ऐसे मेें गहलोत चाहते थे कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए मुख्यमंत्री भी बन रहे, लेकिन राहुल गांधी के सिद्धांत के कारण उनका दोनों पदों पर रहना संभव नहीं था। ऐसे में वह मुख्यमंत्री का पद नहीं खोना चाहते थे। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से अपने को पीछे हटा लिया और सोनिया गांधी से दिल्ली में जाकर मुलाकात की। साथ ही चुनाव नहीं लड़ने के लिए माफी मांगी। ऐसी स्थिति में कांग्रेस पार्टी ने अशोक गहलोत की जगह मल्लिकार्जुन खड़गे को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए प्रस्तावित किया, जो बाद में निर्वाचित भी हुए, तब भी गहलोत के इस करिश्मे को लेकर काफी चर्चा रही थी।

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मनीष बागड़ी, Author

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।Follow us - manishbagdi.reporter@gmail.com, www.thepoliticaltimes.live,
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