अशोक गहलोत के निशाने पर कौन? CM भजनलाल, मदन राठौड़ या सचिन पायलट!
✍️ मनीष बागड़ी, एडिटर
जयपुर : राजस्थान की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता हैं, लेकिन उन्हें जादूगर क्यों कहा जाता है, इसकी बानगी उन्होंने अपने एक बयान में साबित कर दी है। गहलोत का शुक्रवार को दिया गया एक बयान सियासी गलियारों में जमकर चर्चा का विषय बना हुआ हैं। चर्चा हो रही हैं कि गहलोत ने बयान के जरिए CM भजनलाल शर्मा, मदन राठौड़ पर यह सियासी निशाना साधा है, या फिर सचिन पायलट पर? उन्होंने मीडिया मेें दिए गए इस बयान से एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन गहलोत का यह संदेश किसकी तरफ है? इसको लेकर राजनीति जानकार लोगों के अपने अपने-अपने विचार हैं।
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गहलोत का निशाना किस पर, सीएम, मदन राठौड़ या पायलट पर?
पूर्व सीएम अशोक गहलोत इन दिनों अपने बयानों के कारण सियासत में चर्चा का केंद्र बिंदु बन गए हैं। गहलोत भजनलाल सरकार पर इंतजार शास्त्र के नाम से लगातार निशाना साध रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को मीडिया में उनका एक बयान काफी चर्चा में हैं, जहां उन्होंने अपनी जादूगरी दिखाते हुए कहा कि भजन लाल जी और मदन राठौड़ जी अक्सर हमारे बारे में बोलते रहते हैं, वह कहते हैं कि मैं सचिन पायलट का नाम लूं, कहते हैं कि लोग मानेसर गए थे। दरअसल वे चाहते हैं कि मैं नाम लूं ताकि उनकी आपसे लड़ाइयां शुरू हो जाए। सियासत में इस बयान को लेकर चर्चा है कि गहलोत ने अपने इस बयान के जरिए एक तीर से तीन शिकार किए हैं, लेकिन इस बयान का केंद्र बिंदु कौन है, इसको लेकर सियासत में हलचल मची हुई है।
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यूं ही नहीं है गहलोत राजनीति के जादूगर
राजस्थान में तीन बार मुख्यमंत्री रहने वाले अशोक गहलोत राजनीति के ऐसे दिग्गज है, जिनका लोहा खुद पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी मानते हैं। राजनीति के जादूगर के नाम से मशहूर अशोक गहलोत के बारे में कहा जाता है कि वह यूं ही नहीं राजनीति के जादूगर है, जो बात सीधे नहीं करनी होती है, उसे कहने का उनका अंदाज ऐसा होता है कि बिना कुछ कहे ही, सब कुछ कह जाते हैं। यह बात मीडिया में शुक्रवार को दिए गए बयान के बाद सही साबित हो गई है। ऐसे में राजनीतिक जानकार गहलोत के बयान को लेकर उनके कौन-कौन निशाने पर आए हैं, इसको लेकर चर्चा कर रहे हैं।
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बीजेपी मानेसर को लेकर बनाती है मुद्दा
बता दें कि कांग्रेस राज में सियासी संकट के चलते पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ मानेसर चले गए थे। इस घटनाक्रम को गहलोत सरकार को गिराने से जोड़कर सियासत में काफी चर्चा रही। बीजेपी इस मुद्दे को लेकर जब भी मौका मिलता है, इसे भूनाने की कोशिश में रहती है। इसके अलावा हर बार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घेरते हुए निशान साधती रहती है। इधर, गहलोत ने भी कई बार पायलट का नाम लिए बगैर अपने भाषणों में मानेसर मुद्दे का जिक्र किया। इस बीच दिल्ली में हाल ही में गहलोत और पायलट की मुलाकात सियासत की काफी सुर्खियों में रही, जहां दोनों नेता गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाते हुए नजर आए। इस दौरान गहलोत ने पत्रकारों के सामने चुटकी लेते हुए कहा फोटो ले लीजिए, नहीं तो फिर बाद में कहेंगे कि इनकी आपस में बनती नहीं। इस पर प़त्रकार भी ठहाके लगाते नजर आएं।
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मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live






