सचिन पायलट फिर होंगे पीसीसी अध्यक्ष! जानिए इसके पीछे बड़ी वजह
✍️ मनीष बागड़ी
जयपुर : राजस्थान में सचिन पायलट एक बार फिर से प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल सकते हैं। यह संभावना देश में कर्नाटक चुनाव के बाद सियासी गलियारों में तेज हो गई हैं। सूत्रों की माने, तो अब कांग्रेस हाईकमान युवाओं पर लगातार भरोसा दिखा रहा है। कर्नाटक में जो फाॅमूला अपनाया गया है, इसी के चलते सचिन पायलट के फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है। इधर, पायलट के फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनने की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकार लोगों के कई तरह के कयास भी है। वही पायलट के समर्थकों में एक बार फिर उत्साह देखने को मिल रहा है।
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आखिर पायलट क्यों बन सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष?
सियासत में राजस्थान के नए पीसीसी अध्यक्ष की संभावना को लेकर हलचल मची हुई है। इस बीच चर्चा तेज हो गई है कि सचिन पायलट को प्रदेशाध्यक्ष की कमान फिर से मिल सकती है। अब सवाल उठता है कि आखिर क्यों कांग्रेस सचिन पायलट पर फिर से यह दाव खेलेगा? यह संभावना है, पिछले दिनों देश में हुए कर्नाटक चुनाव के बाद देखने को मिली, जहां कांग्रेस हाई कमान ने बड़ा उठा पटक किया। सिद्ध रमैया को सीएम के पद से हटकर युवा डीके शिवकुमार को कर्नाटक की कमान सौपी। इसके बाद यह कयास अब राजस्थान के लिए भी लगाएं जा रहे हैं। अब यहीं माना जा रहा है कि युवा नेतृत्व के तौर सचिन पायलट इसके लिए फिट बैठ रहे हैं।
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क्या पायलट गहलोत की लड़ाई पर लगेगा विराम?
कर्नाटक में जो सियासी घटनाक्रम देखने को मिला। उससे राजस्थान की कांग्रेस को बड़ा संदेश मिला है। इसके माध्यम से कांग्रेस हाई कमान ने संकेत दिया है कि अब युवाओं को आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच सिद्ध रमैया को सीएम से हटाकर डी के शिवकुमार को बनाया जाना इसको साबित कर रहा है। यह राजस्थान की सियासत को भी एक बड़ा संदेश है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जो सियासी मतभेद है। अब चर्चा है कि कांग्रेस हाई कमान यह फार्मूला राजस्थान में भी अपना सकती है। यदि ऐसा हुआ तो यह साफ हो जाएगा कि कांग्रेस अब युवाओं को अधिक तवज्जो देगी।
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शायद इसलिए तो कांग्रेस में नही है बैचेनी?
बीते दिनों राहुल गांधी के पुष्कर दौरे के बाद सचिन पायलट को कांग्रेस में हलचल मची हुई है। राहुल गांधी के दौरे में सचिन पायलट को नजर अंदाज करने की कोशिश की गई। पीसीसी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से राहुल गांधी के स्वागत की तस्वीरे शेयर की, लेकिन ताज्जुब तो तब हुआ इन तस्वीरों में सचिन पायलट को काट दिया गया। इस पर पायलट समर्थकों ने पीसीसी को जमकर ट्रोल किया। इन तस्वीरों में केवल गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, अशोक गहलोत और सुखजिंदर सिंह रंधावा ही दिखाई दिए। पायलट कोे इन फोटोज से काट दिए गए। अंदर खाने चर्चा यह भी है कि इस लेकर कांग्रेस हाईकमान की फटकार लगी, जिसके बाद पीसीसी ने राहुल गांधी के स्वागत को लेकर पायलट की तस्वीरे साझा की।
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6 साल की मेहनत में कांग्रेस को किया था खड़ा
राजस्थान में साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कांग्रेस पूरी तरह सफल रही। मानो कांग्रेस पार्टी की रीढ़ की हड्डी की टूट गई हो, इस चुनाव में कांग्रेस महज 21 सीटों पर सिमट गई, जो राजस्थान में कांग्रेस की सबसे बड़ी शर्मनाक हार थी। इसके बाद सचिन पायलट को 21 जनवरी 2014 को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इस बीच पायलट ने जी तोड़ मेहनत करके कांग्रेस को फिर से खड़ा किया। 36 साल की उम्र में पायलट ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालते हुए न केवल कांग्रेस को एकजुट किया, बल्कि केवल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए बहुमत हासिल करने में अपनी बड़ी भूमिका निभाई। इस चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीत का सरकार बनाई थी।
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पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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