नरेश मीणा की हुंकार, जनाक्रोश का भूचाल आ जाएगा, देवली में बवाल

नरेश मीणा की हुंकार, जनाक्रोश का भूचाल आ जाएगा, देवली में बवाल
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टोंक : राजस्थान के टोंक में बिजली के प्राइवेट कर्मचारी की करंट लगने से हुई मौत से बवाल मचा हुआ है। इसको लेकर सोमवार को देवली शहर भी बंद रहा। मृतक धनराज बैरवा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठन जुट चुके हैं। दो दिनों से उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना जारी है। इस बीच भगत सिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा भी इस आंदोलन में कूद चुके हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि यदि धनराज बैरवा को न्याय नहीं मिला, तो उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने जबरदस्ती इसका प्रयास किया, तो फिर सरकार की अंत्येष्टि तय है, जनाक्रोश का भूचाल आ जाएगा। नरेश मीणा के तीखे तेवर देखकर अब प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। नरेश मीणा दूसरे दिन धरने में हिस्सा लेने पहुंचे।

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नरेश मीणा को देखकर लोगों का बढ़ गया उत्साह

दुर्गापुर ढाणी निवासी धनराज बैरवा की रविवार को एसएसएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। धनराज बीते दिनों बिजली का करंट आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। उनकी मौत के बाद विभिन्न सामाजिक संगठन मृतक परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर रविवार को आंदोलन शुरू हुआ। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता बेनतीजा रही। इधर, सोमवार को नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ धरने में शामिल हुए। उन्हें देखकर वहां मौजूद लोगों का उत्साह दुगना हो गया।

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न्याय नहीं मिला जन आक्रोश का आ जाएगा भूचाल

इस दौरान धरने में नरेश मीणा ने पीड़ित परिवार की मांगों को जायज बताते हुए कहा, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा यदि सरकार ने जबरदस्ती कर शव का अंतिम संस्कार किया, तो सरकार की अंत्येष्टि तय है। जनाक्रोश का भूचाल आ जाएगा, क्योकि यह आंदोलन अब देवली का नहीं, अब इसकी चर्चा प्रदेश तक हो रही है। बता दें कि मृतक धनराज बैरवा की कल सुबह एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन ने उसका शव नहीं लिया। बताया जा रहा है कि नए कानून के तहत यदि परिजन शव स्वीकार नहीं करते हैं, तो सरकार शव का अंतिम संस्कार करवा सकती है।

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अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए

नरेश मीणा ने कहा कि यह एक दलित परिवार की दुखद त्रासदी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी एडीएम से बात हुई है, लेकिन यह मामला अभी जिला कलक्टर स्तर का है। उन्होंने जिला कलक्टर से मांग की कि वे लोगों की भावनाओं और उचित मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल अवगत कराएं। अब यह मुद्दा केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सिस्टम के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकता रहे, जो भी सहायता मिले वह त्वरित और सम्मानजनक होनी चाहिए।

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मामले में कहां अटका हुआ है पेच

धनराज बैरवा की मौत के बाद परिजन और समर्थक आक्रोशित है। उनकी ओर से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग की गई है। इसको लेकर दो दिनों से गतिरोध जारी है। उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर आंदोलन किया जा रहा है। इसके चलते रविवार को देवली उपखंड अधिकारी रूबीना अंसार और डीएसपी हेमराज चौधरी ने काफी समझाइश का प्रयास किया, लेकिन मामला अटका हुआ है। प्रशासन पीड़ित परिवार को विद्युत निगम समेत योजनाओं से मिलाकर कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दे चुका है, लेकिन परिजन और समर्थक अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। इधर, देवली शहर में दिन भर काफी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।

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मृतक धनराज बैरवा की मौत की यह पूरी कहानी

मृतक दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा प्राइवेट तौर पर बिजली का काम करता था। 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में बिजली फाल्ट आने के चलते वह बिजली विभाग के कर्मचारियों के बुलावे पर काम करने पहुंचा। जहां बिजली शट डाउन के बाद दो बिजली के पोल पर उसने फाल्ट ठीक कर दिया, लेकिन तीसरे पोल पर फाल्ट ठीक करते समय अचानक बिजली की लाइन शुरू कर दी गई। जिसके कारण वह करंट की चपेट में आ गया। इस घटना में वह बुरी तरह घायल हो गया। जिसे एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसके दोनों हाथ और एक पेऱ काट दिया गया।

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मनीष बागड़ी प्रोफ़ाइल फोटो

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।

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मनीष बागड़ी, Author

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। Follow us - manishbagdi.reporter@gmail.com, www.thepoliticaltimes.live,
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