‘CM’ की कुर्सी की जंग! क्या कांग्रेस में वर्चस्व को लेकर गहलोत ही राजस्थान के हाईकमान!

‘CM’ की कुर्सी की जंग! क्या कांग्रेस में वर्चस्व को लेकर गहलोत ही राजस्थान के हाईकमान!
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✍️ मनीष बागड़ी

जयपुर : राजस्थान की कांग्रेस में एक बार फिर वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है। बीते दिनों हुई बयान बाजी से कांग्रेस में चौथी बार अशोक गहलोत के लिए लगाए गए नारों के बाद बवाल मचा हुआ है। सवाल उठता है कि क्या फिर से कांग्रेस में सीएम की कुर्सी को लेकर यही खींचतान देखने को मिलेगी? इसको लेकर जमकर सियासी पारा गर्म है। यह पारा इसलिए भी गर्म हैं, क्योंकि इस बार पूर्व मंत्री शांति धारीवाल भी इस विवाद में कूद गए हैं। उन्होंने कोटा में साफ तौर पर कह दिया है कि गहलोत ही राजस्थान के हाई कमान हैं। धारीवाल के बयान से सियासी गलियारों में एक बात की चर्चा तो फिर से शुरू हो गई है कि आने वाले 2028 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस में वर्चस्व को लेकर मामला कहीं ना कहीं पार्टी के लिए पैचेदगी पैदा करेगा।

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धारीवाल के अनुसार, तो अशोक गहलोत ही हाई कमान

इस नए विवाद की शुरुआत बीते दिनों वागड़ नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय के साथ आए 309 कार्यकर्ताओं के कारण हुआ है। जहां चौथी बार गहलोत को सीएम बनाने के नारे लगे। इन नारों पर डोटासरा की भी तीखी प्रतिक्रिया आई, लेकिन अब तो इस विवाद में शांति धारीवाल भी कूद गए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मैं आज भी उस बयान पर कायम हूं। उन्होंने कहा अशोक गहलोत ही राजस्थान के हाई कमान है। दिल्ली वाले हाई कमान वह अलग है और सबसे बड़ा है, लेकिन राजस्थान के लिए तो गहलोत ही हाईकमान हैं। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस का कार्यकर्ता अगर जयपुर जाता है तो उसका दूसरा पेर अशोक गहलोत के बंगले पर होता है, ऐसा क्यों होता है?

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फिर से गहलोत को लेकर क्यों उठ रही है मांग

भजनलाल सरकार को ढाई साल से ऊपर का कार्यकाल हो गया है। 2028 में राजस्थान के विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इस बीच कांग्रेस में अगली बार सीएम के लिए कौन प्रोजेक्ट होगा? यह खींचतान अभी से क्यों शुरू हो गई है? यह संकेत आगामी चुुनावों को देखते हुए कांग्रेेस के लिए ठीक नहीं है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या गहलोत ने ढाई साल पहले ही अपनी फील्डिंग जमाना शुरू कर दिया हैं, क्योंकि उन्हें राजनीति का जादूगर भी कहा जाता है। तब ही तो गहलोत खेमे के नेता भी अब फिर से एक्टिव हो गए हैं। इधर, धारीवाल का यह बयान देना कुछ ऐसा ही संकेत देता हुआ नजर आ रहा है।

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2022 में भी धारीवाल ने गहलोत को बताया था हाई कमान

बता दें कि धारीवाल इससे पहले भी 2022 में भी अशोक गहलोत के पक्ष में खुलकर आए थे, जहां उन्होंने पार्टी हाई कमान को खुलकर चेतावनी दी थी। सितंबर 2022 में जब कांग्रेस ने दो पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खरगे को राजस्थान भिजवाया। इस बीच अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों ने उनके निवास पर समानांतर बैठक की। इसमें धारीवाल ने पार्टी हाई कमान को खुले शब्दों में चुनौती दी। साथ ही अजय माकन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह सोची समझी साजिश के तहत सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने तब भी कहा था कि राजस्थान में कांग्रेस के असली हाई कमान अशोक गहलोत हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 2020 में मानेसर जाकर गहलोत सरकार को गिराने का प्रयास किया। ऐसे गद्दारी करने वाले को पुरस्कार नहीं दिया जाना चाहिए और यदि ऐसा हुआ, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

गहलोत ने इशारों में किसको दे दी हिदायत

गहलोत और डोटासरा के बीच बिना नाम लिए, जो बयान बाजी सामने आई हैं। उससे कांग्रेस की सियासत में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच जोधपुर में कांग्रेस के कार्यकर्ता समागम कार्यक्रम में अशोक गहलोत का एक बयान जमकर चर्चा में हैं, जहां वह कांग्रेस के कुछ लोगों को हिदायत देते हुए नजर आए। इसमें उन्होंने कहा कि सबको चाहिए कि कोई लक्ष्मण रेखा पर नहीं करें, सब मिलकर काम करें, ताकि हम जनता और समाज के लिए काम कर पाएंगे लेकिन यह तब होगा, जब हम मिलकर काम करेंगे। हमें जनता को विश्वास दिलाना होगा कि हम एक हैं। थोड़े बहुत मतभेद तो सभी पार्टियों में होते हैं। गहलोत के इस बयान को लेकर सियासी गलियां में जमकर चर्चा है कि आखिर यह इशारा किसकी तरफ है? इसको लेकर राजनीतिक जानकार लोगों के अपने-अपने मायने हैं।

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पत्रकारिता में पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखने में विशेष रुचि। पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, इसके अलावा IAS, IPS जैसे ब्यूरोक्रेट्स को लेकर विशेष स्टोरी कवर करता हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपराध, पॉलिटिकल रैलियां, सभाएं, ऐतिहासिक स्थलों के महत्व जैसे कई विषयों पर भी स्टोरीज की हैं। इस सफर में राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।

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मनीष बागड़ी, Author

पत्रकारिता में पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखने में विशेष रुचि। पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, इसके अलावा IAS, IPS जैसे ब्यूरोक्रेट्स को लेकर विशेष स्टोरी कवर करता हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपराध, पॉलिटिकल रैलियां, सभाएं, ऐतिहासिक स्थलों के महत्व जैसे कई विषयों पर भी स्टोरीज की हैं। इस सफर में राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। Follow us - manishbagdi.reporter@gmail.com, www.thepoliticaltimes.live,