गोविंद सिंह डोटासरा SDM पर बरसे! मंच से कहा, अपनी औकात में रहें, Video वायरल
सीकर : राजस्थान की सियासत में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने दबंग अंदाज के कारण जाने जाते हैं। सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ विधानसभा में एक लोर्कापण कार्यक्रम में डोटासरा वहां के एसडीएम पर जमकर बरसे। उन्होंने खुले मंच पर कह दिया कि एक एसडीएम की इतनी औकात, जो मुझे कहे कि आप उद्घाटन नहीं कर सकते। एसडीएम को औकात बताने का यह बयान अब सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।
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एसडीएम की क्या औकात, जो मुझे रोक सके
दरअसल, यह मामला 8 अगस्त का है। जब गोविंद सिंह डोटासरा अपनी विधानसभा लक्ष्मणगढ़ में विभिन्न ग्राम पंचायतों में लोकार्पण कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे। इस बीच जोजाद में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रोटोकॉल में एमपी, एमएलए जनप्रतिनिधि ही लोग लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा लक्ष्मणगढ़ में किसी की औकात नहीं, जो उद्घाटन कर दे। लोकार्पण के विवाद को लेकर मंच से उन्होंने कहा कि एक एसडीएम की इतनी औकात हो गई कि वह मेरे ऑफिस में यह कहे कि आप लोकार्पण मत कीजिए, नहीं तो सरकार मुझसे नाराज हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि तेरी नौकरी तू संभाल, मेरी नेतागिरी में संभाल लूंगा।
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एसडीएम को चेतावनी दुबारा मुझे फोन मत करना
डोटासरा ने आगे कहा कि मैं उस एसडीएम को दोबारा करना चाहता हूं कि आगे से मुझे फोन करने की हिम्मत मत करना। अगर तुम्हारी इतनी चलती है तो जिला कलेक्टर से मिलकर मुझे सूचित करवा देना कि लोकार्पण मुख्यमंत्री और मंत्री कर रहे हैं, तो मैं उस जगह से 2 किलोमीटर दूर रहूंगा। उनका आगे कहा कि यहां के एसडीएम ने एक चिट्ठी निकली। जिसमें कहा कि मैं उद्घाटन नहीं करूंगा। डोटासरा आगे बोलते हैं कि उस एसडीएम को कहा कि अपनी औकात में रहे। मुझे लक्ष्मणगढ़ के लोगों ने चुनकर भेजा हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब यह काम में लेकर आया हूं तो इसका उद्घाटन भी मैं ही करूंगा।
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जनता के नकारे व्यक्तियों के नाम नहीं होने चाहिए
इस दौरान डोटासरा ने आगे कहा कि सरकारी प्रोटोकॉल के तहत किसी चीज का लोकार्पण या उद्घाटन किया जाता है, तो पहला अधिकार मुख्यमंत्री, दूसरा विभागीय मंत्री, तीसरा जिला प्रभारी मंत्री और चौथा विधायक या सांसद का होता हैं, या फिर जनता को चुना हुआ कोई भी प्रतिनिधि कर सकता है, लेकिन ऐसे लोगों का नाम पट्टी में नहीं होना हो सकता। जिनको लोगों ने नकार दिया हो। उन्होंने बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि पहले जनता का दिल जीते, फिर चुनाव जीतकर आए। फिर उद्घाटन करो आपको किसने मना किया है।
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पत्रकारिता में पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखने में विशेष रुचि। पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, इसके अलावा IAS, IPS जैसे ब्यूरोक्रेट्स को लेकर विशेष स्टोरी कवर करता हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपराध, पॉलिटिकल रैलियां, सभाएं, ऐतिहासिक स्थलों के महत्व जैसे कई विषयों पर भी स्टोरीज की हैं। इस सफर में राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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