नरेश मीणा फिर जाएंगे जेल! टोंक कोर्ट ने जमानत को किया खारिज
टोंक (रवि सैनी) : भगत सिंह सेना के प्रमुख और युवा नेता नरेश मीणा को सोमवार को बड़ा झटका लगा है। इस दौरान टोंक की विशिष्ट न्यायालय अनुसूचित जाति/ जनजाति ने समरावता हिंसा मामले में मुख्य आरोपी नरेश मीणा की जमानत खारिज कर दी है। साथ ही कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इस स्थिति में नरेश मीणा के ऊपर फिर से गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। नरेश की जमानत याचिका खारिज होने के बाद सियासी पारे में हलचल मच गई है।
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टोंक में कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की
वर्ष 2024 में विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुई समरावता हिंसा मामले में पिछले साल राजस्थान हाई कोर्ट ने नरेश मीणा को जमानत दी थी। इस मामले को लेकर टोंक की विशिष्ट न्यायालय एस टी, एससी कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। इस दौरान नरेश मीणा को तगड़ा झटका दिया। कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज कर दी है। साथ ही की उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया है। इधर, नरेश मीणा की जमानत याचिका खारिज होने के बाद सियासत में हलचल मच गई है।
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जमानत शर्तो के उल्लंघन के कारण खारिज
टोंक विशिष्ट न्यायालय एसटी/एससी कोट ने 13 जुलाई को समरावता हिंसा मामले में मुख्य आरोपी नरेश मीणा मामले में सुनवाई की। इस दौरान उन पर जमानत शर्तों का उल्लंघन पाया गया। नगर फोर्ट पुलिस ने पीपी के जरिए नरेश की जमानत खारिज करने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश किया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नरेश मीणा की जमानत खारिज कर दी। बता दें कि समरावता हिंसा मामले में नरेश मीणा को 11 जुलाई 2025 को हाई कोर्ट ने सशर्त जमानत दी थी।
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हाई कोर्ट ने इन शर्तों पर नरेश को दी थी जमानत
बता दे कि नगरफोर्ट थाने में नरेश मीणा के खिलाफ एफआईआर संख्या 166/2024 दर्ज की गई थी। इस मामले की सुनवाई में हाई कोर्ट में पिछले साल 11 जुलाई 2025 को नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी। इनमें नरेश मीणा को अनिवार्य रूप से हर महीने नगर फोर्ट पुलिस में उपस्थिति दर्ज कराने, जेल से रिहाई के बाद किसी भी सार्वजनिक जुलूस या बड़ी रेलिया निकालने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा माला और साफा पहनने पर भी पाबंदी थी। यही नहीं हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि जेल से बाहर जाने के बाद नरेश किसी भी ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे। जिससे माहौल बिगड़े और विवाद खड़ा हो, लेकिन इसके बावजूद नरेश मीणा ने कई आंदोलन किए। इसी को आधार बनाते हुए नगर फोर्ट पुलिस ने विशिष्ट न्यायालय में नरेश की जमानत याचिका खारिज किए जाने का प्रार्थना पत्र लगाया था।
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मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live






