अब डोटासरा और गहलोत में भी किचकिच! जो डोटासरा ने महेंद्रजीत मालवीय को सुनाई खरी-खरी
जयपुर : जयपुर में वागड़ क्षेत्र के दिग्गज नेता महेंद्रजीत मालवीय गुरूवार को बाप पार्टी के 309 कार्यकर्ताओं को लेकर कांग्रेस में शामिल करवाने के लिए पहुंचे। इस घटनाक्रम से कांग्रेस में हलचल मची हुई। इस बीच चर्चा है क्या पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्मंत्री अशोक गहलोत के बीच कोई मतभेद है? दरअसल, इस चर्चा का कारण मालवीय के गहलोत के निवास पर मुलाकात से शुरू हुआ। इस मुलाकात के बाद डोटासरा के मीडिया में जो बयान सामने आएं, उससे चर्चा है कि डोटासरा मालवीय के इस कदम से खुश नही है। जब पत्रकारों ने सवाल किया तो डोटासरा ने मालवीय को इशारों-इशारों में सुना दिया कि यह तो इनको सोचना चाहिए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि मेरी मर्जी के बिना मालवीय कांग्रेस में नही आ सकतेे थे। इन तमाम बयानों के बाद चर्चा हो रही है कि कांग्रेस में अभी भी वर्चस्व को लेकर ठीक नहीें चल रहा है।
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मेरी अनुशंसा से ही मालवीय को मिली एंट्री
दरअसल, मालवीय गुरुवार को वागड़ क्षेत्र के बाप पार्टी के 309 कार्यकर्ताओं को लेकर सीधे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर मिलने पहुंचे। उसके बाद वह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय गए। इस घटना को लेकर चर्चा है कि डोटासरा मालवीय से इस बात को लेकर खुश नहीं है। पत्रकारो से बातचीत में उन्होंने इशारों मंे इस पर आपत्ति भी जता दी। इसको लेकर पत्रकारों ने भी सवाल किया था। उन्होंने मालवीय को इशारों ही इशारों में खरी-खरी सुना दी। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर मेरी अनुशंसा नहीं होती तो क्या मालवीय कांग्रेस में आ सकते थे? कांग्रेस के बिना मालवीय का कोई वजूद नहीं हैं। आज भी अगर यह दूसरी पार्टी में जाकर जीत कर आ जाए तो मेरा नाम बदल देना। यह बात पास में खड़े मालवीय भी सुन रहे थे।
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डोटासरा का तंज, यहां सीएम वाले नारे मत लगा देना
महेंद्र जीत सिंह मालवीय जब गहलोत के निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ मिले, तब वहां गहलोत को फिर से चौथी बार सीएम बनाने के नारे लगे। इस घटना से कांग्रेस में हलचल मची हुई है। इसको लेकर बाद में जब मालवीय डोटासरा के पास पहुंचे तो उन्होंने कार्यक्रम में मालवीय से माइक लेते हुए वहां मौजूद लोगों से तंज कसते हुए कह दिया कि यहां पर सीएम वाले नारे मत लगाना, वरना पहले वाला गलत हो जाएगा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इधर, सियासी चर्चा है कि डोटासरा ने यह तंज गहलोत के सीएम को लेकर लगाए गए नारे को लेकर कहा।
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व्यक्ति की ब्रांडिंग को लेकर मैं काम नहीं करूंगा
मीडिया से बातचीत के दौरान डोटासरा का एक बयान भी काफी हलचल मचा रहा है। जिसमें पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं व्यक्ति की ब्रांडिंग को लेकर काम नहीं करूंगा। मैं सदा पार्टी को लेकर काम करूंगा। राजनीतिक जानकार लोगों का मानना है कि जिस तरीके से गहलोत और सचिन पायलट के समर्थकों द्वारा उन्हें सीएम बनने को लेकर नारे लगाए जा जाते हैं, शायद उसी को लेकर डोटासरा ने यह जवाब देकर संदेश देने की कोशिश की है। इस दौरान पत्रकारों के कांग्रेस में व्यक्तिवाद हावी होने के सवाल पर उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि इसी के चलते ही पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस एक बार आती है, एक बार नहीं आती है। उन्होंने इशारों में कहा कि हम में से किसी न किसी की तो कमी तो रही होगी, लेकिन अब हम सब एक हैं। अब डोटासरा का यह इशारा किसकी तरफ है, अब इसको जमकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
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पत्रकारिता में पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखने में विशेष रुचि। पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, इसके अलावा IAS, IPS जैसे ब्यूरोक्रेट्स को लेकर विशेष स्टोरी कवर करता हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपराध, पॉलिटिकल रैलियां, सभाएं, ऐतिहासिक स्थलों के महत्व जैसे कई विषयों पर भी स्टोरीज की हैं। इस सफर में राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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