गहलोत-डोटासरा ने एक दूसरे को किया ‘इग्नोर’! हाथ मिलाया पर नजरें नही, वायरल वीडियो सुर्खियों में
जयपुर : राजस्थान में कांग्रेस की सियासत में बीते दिनों सीएम के नारे को लेकर जमकर बयान बाजी हुई। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नारों को लेकर आपत्ति जताई। वहीं बाद में पूर्व सीएम अशोक गहलोत को इस मामले में अपनी सफाई देनी पड़ी। इस बीच मंगलवार को एक वीडियो काफी चर्चा में बना हुआ हैं। इसमें गहलोत और डोटासरा आमने-सामने हुए, लेकिन दोनों ही एक दूसरे को इग्नोर करते हुए नजर आए। डोटासरा और गहलोत दोनों ने एक दूसरे से हाथ मिलाया, लेकिन नजरें नहीं मिलाई। यह मुलाकात महज दो पल की रही। इसके बाद डोटासरा तुरंत वहां से साइड में हो गए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सियासत में इस मुलाकात को उनके बीच चल रहे मनमुटाव से जोड़कर देखा जा रहा हैं।
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गहलोत-डोटासरा ने हाथ मिलाया पर नज़रें नहीं
प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल मची हुई। इस बीच राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी जयपुर आए हुए हैं। इस दौरान कांग्रेस की बैठक के लिए पहुंचे रंधावा को जब अशोक गहलोत दिखाई दिए, तो उन्हांेने ने गहलोत से हाथ मिलाकर मुलाकात की। इस बीच उनके पीछे की तरफ डोटासरा भी खड़े थे। जब गहलोत का ध्यान दूसरी तरफ था, उन्होंने डोटासरा को नहीं देखा, तो रंधावा ने उन्हें डोटासरा की तरफ ध्यान दिलाया। इस पर डोटासरा ने हाथ जोड़कर गहलोत का अभिवादन किया। बाद में गहलोत और डोटासरा ने हाथ मिलाया, लेकिन एक दूसरे इग्नोर करते नजर आए। उन्होंने एक दूसरे से हाथ तो मिलाया पर नजरे नहीं मिलाई। यह मुलाकात महज दो पल की रही, जो सियासत में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी गहलोत से मुलाकात की। उन्होंने गहलोत के सांकेतिक तौर पर पैर छुए।
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सियासत में मुलाकात को लेकर कई तरह के मायने
गहलोत और डोटासरा के बीच कुछ ही पल की इस मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक जानकार कई तरह के मायने निकाल रहे हैं। इधर, चर्चा है कि बीते दिनों गहलोत के लिए चौथी बार के सीएम के लिए नारे लगे थे। इसको लेकर डोटासरा ने आपत्ति जताई थी। जिसको लेकर काफी बयान बाजी भी हुई। ऐसे में इस मुलाकात को कांग्रेस की गुटबाजी की चर्चा से जोड़ा जा रहा है। साथ ही पिछले दिनों हुई बयानबाजी के चलते गहलोत और डोटासरा के बीच भी इसे मनमुटाव माना जा रहा है।
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यहां से शुरू हुई विवाद की शुरुआत
बता दें कि बीते दिनों वागड़ क्षेत्र के दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय बाप पार्टी के 309 कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल करवाने के लिए जयपुर आए, जहां उन्होंने सबसे पहले गहलोत से मुलाकात की। इस मुलाकात में मालवीय के साथ आए कार्यकर्ताओं ने गहलोत के पक्ष में चौथी बार सीएम बनाने के नारे लगाए। इस घटना को लेकर डोटासरा ने आपत्ति जताई। यह मामला काफी सुर्खियों में भी रहा। बाद में गहलोत को इस मामले में अपनी सफाई भी देनी पड़ी। उन्होंने कहा वह हमेशा कार्यकर्ताओं को मना करते हैं कि ऐसे नारे नहीं लगाए, इसके वह जोश में आकर नारेबाजी कर देते हैं।
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पत्रकारिता में पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखने में विशेष रुचि। पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, इसके अलावा IAS, IPS जैसे ब्यूरोक्रेट्स को लेकर विशेष स्टोरी कवर करता हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपराध, पॉलिटिकल रैलियां, सभाएं, ऐतिहासिक स्थलों के महत्व जैसे कई विषयों पर भी स्टोरीज की हैं। इस सफर में राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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