करवा चौथ आज: कब निकलेगा चांद और कैसे करें पूजा? जानिए व्रत की पूरी कथा

जयपुर : देश में 29 अक्टूबर को सुहागिन महिलाओं का पवित्र त्योहार करवा चौथ मनाया जाएगा। इसको लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हिंदू धर्म का यह पावन पर्व विवाहित और अविवाहित महिलाओं की ओर से मनाया जाता है। करवा चौथ के मौके पर क्या करना चाहिए? करवा चौथ की क्या कथा है? इसको लेकर टोंक के मनु ज्योतिष व वास्तु शोध संस्थान के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने जानकारी दी है।
यह भी पढ़ें : नसरुद्दीन शाह ने खुद को बताया ‘दिमागी नक्सली’, सियासत में उबाल, अभिनेता पुनीत इस्सर ने पूछा क्यों हो दिमागी नक्सल
आज रात 8:36 तक हो सकता है चंद्रोदय
बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि इस वर्ष 29 अक्टूबर गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। उनके अनुसार रोहिणी नक्षत्र में 11:11 बजे तक उपरांत मृगशिरा में चंद्रमा वृष राशि में विचरण करेंगे। इसलिए सूर्य देव सुबह 6:48 पर होगा, जबकि सूर्यास्त का समय 5:55 रहेगा। उन्होंने बताया कि रात्रि का चंद्रोदय 8:36 पर होने की संभावना है। हालांकि चंद्रोदय को लेकर देश के शहरों में अलग-अलग समय रह सकता है। चंद्रोदय के साथ ही महिलाएं अपने करवा चौथ व्रत का परायण करती है।
करवा चौथ पर यह यह किया जाना चाहिए
करवा चौथ के मौके पर महिलाएं श्रृंगार कर करवा चौथ की कथा सुनती है। दिन भर महिलाएं निराहार रहती है। महिलाएं पूरे दिन जल भी ग्रहण नहीं करती है हालांकि कई महिलाएं निराहार तो रहती है, लेकिन जल ग्रहण करती है। इसके पीछे महिलाओं की कामना उनके घर में सुख शांति समृद्धि और संतान सुख मिले। इसके साथ पति की लंबी उम्र की मनोकामना पूरी हो। अविवाहित महिलाएं अच्छे वर की कामना से भी यह व्रत करती है। इस दौरान महिलाएं अधिकांशत लाल या पीले वस्त्र धारण करती है इस दिन महिलाओं के 16 श्रृंगार का भी महत्व माना गया है। करवा चौथ की पूजा में महिलाएं करवा माता के अतिरिक्त भगवान शिव, गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय सहित नंदी महाराज की पूजा भी करती है। रात को महिलाए करवा चौथ की कथा सुनती है। वहीं चंद्र उदय होने के बाद करवे से चंद्रमा को अरग देती हैं। फिर पति के हाथ से पानी पीती हैं और पति का आशीर्वाद लेती हैं।
यहां जानिए करवा चौथ की क्या है कथा
करवा चौथ के मौके प्रचलित कथा इस प्रकार है। इसके तहत एक गांव में साहूकार के 7 बेटे और एक बेटी थी। उनके 7 बहुएं और बेटी ने कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के मौके पर करवा चौथ का व्रत रखा। कथा के अनुसार साहूकार की बेटी को उसके भाई अत्यधिक प्रेम करते थे। वह अपनी बहन के बिना भोजन नहीं करते। करवा चौथ के मौके पर जब उन्होंने शाम अपनी बहन को खाना खाने के लिए कहा तो बहन ने कहा, जब तक चांद उदय नहीं होगा, मैं खाना नहीं खाऊंगी। इस पर सभी भाइयों ने एक तरकीब लगाई और उनमें से एक भाई ने चलनी लेकर पहाड़ी पर चढ़ गया और दिया जलाकर चलने से ढक दिया। इस पर दूसरे भाई ने अपनी बहन को पहाड़ पर चलनी को देखकर कहा कि चांद उदय हो गया है। इस पर बहन ने अरग देकर अपनी भाभी को भी कहा। इस पर उसकी भाभियों ने कहा कि चांद तुम्हारे लिए उदय हुआ होगा। इसलिए तुम ही देख लो हमारा चांद तो रात में ही दिखेगा। इस पर बहन जब खाना खाने बैठी तो पहले कौर खाने लगी तो उसमें बाल आ गया। दूसरी खाने लगी तो ससुराल से बुलावा आया कि बेटा बहुत बीमार है। इस पर उसकी मां ने अपनी बेटी को विदा करने के लिए बक्सा खोला तो कभी सफेद, कभी काले, कभी नीले कपड़े हाथ लेगे। मां ने बेटी के पल्ले में एक सोने का सिक्का बांध दिया और कहा कि रास्ते में सबके पैर छूते जाना। इससे तुझे अमर सुहाग का आशीर्वाद मिलेगा, लेकिन जब वह ससुराल जाते समय महिलाओं के पैर छुए, लेकिन किसी ने उसे आशीर्वाद नहीं दिया। ससुराल के दरवाजे पर पहुंचते ही महिला की जेठूथी (यानी जेठ की लड़की) ने अपनी चाची के पैर छूने लगी, तो जेठूथी ने उसे सदा सुहागन का आशीर्वाद दिया। यह सुनकर महिला ने सोने का सिक्का निकाल कर उसे दे दिया और पल्ले से गांठ बांध ली, लेकिन वह जब भीतर पहुंची तो उसका पति मारा हुआ था। इससे महिला बुरी तरह दुखी हुई, लेकिन उसने अपने पति को जलाने के लिए मना कर दिया। उसने परिजनों को बोलकर अलग से झोपड़ी बनवाने के लिए कहा। बाद में वह अपने पति को उसे झोपड़ी में लेकर चली गई और वहां रहने लगी। रोज उसकी सास बासी भोजन भेजती और कहती जा ‘मुर्दा सेवनी को रोटी दे आ।’
थोड़े दिन बाद माघ की तिल चौथ आयी और बोली, “करवा पिला तू करवा पिला भाइयों की प्यारी करवा ले दिन में चांद देखने वाली करवा पिला” जब वो बोली कि “हे ! चौथ मातो मेरा उजड़ा हुआ सुहाग तो आपको ही बनाना पड़ेगा। मेरे पति को जिन्दा करना पड़ेगा। मुझे मेरी गलती का पश्चाताप है, मैं आपसे माफी मांगती हूँ।” तब चौथ माता बोली मेरे से बड़ी बैसाख की बैसाखी चौथ आवेगी वो तुझे सुहाग देगी।” इस तरह बैसाखी चौथ आयी और उसने कहा की भादवे की चौथ तुझे सुहाग देगी। तब कुछ महिने बाद भादुई चौथ माता स्वर्ग से उतरी और वही सब बात कहने लगी, तब उसने चौथ माता के पाँव पकड़ लिये। चौथ माता बोली कि तेरे ऊपर सबसे बड़ी कार्तिक की करवा चौथ माता है। वह ही नाराज हुई है, यदि तूने उसके ..व्रत छोड़ दिये तो फिर कोई भी तेरे पति को जिन्दा नहीं कर सकता है। कार्तिक का महीना आया, स्वर्ग से चौथ माता उतरी, चौथ माता आयी और गुस्से से बोली “भाइयों की बहन करवा ले, दिन में चांद ठगानी करवा ले, व्रत भांडनी करवा ले।” साहूकार की बेटी ने चौथ माता के पैर पकड़ लिये व विलाप करने लगी- हे ! चौथ माता मैं नासमझ थी, मुझे इतना बड़ा दण्ड मत देवों। तब चौथ माता बोली – मेरे पैर क्यों एकड़कर बैठी है। तब वह बोली मेरी बिगड़ी आपको बनानी ही पड़ेगी मुझे सुहाग देना ही पड़ेगा। क्योंकि आप सब जग की माता है और सबकी इच्छा पूरी करने वाली है। तब चौथ माता खुश हुई और उसे अमर सुहाग का आशीर्वाद दिया। इतने में उसका पति बैठा हो गया और बोलने लगा मुझे बहुत नींद आयी। वह बोली मुझे तो बारह महिने हो गये, मुझे तो चौथ माता ने सुहाग दिया है। तब पति बोला कि चौथ माता का विधि-विधान से उजमन करो। उधर ननद रोटी देने आयी तो उसने दो जने के बोलने की आवाज सुनी तो अपनी माँ को जाकर बोली कि भाभी तो पता नहीं किससे बातें कर रही है।
तब सासू ने जाकर देखा कि बहू व बेटा दोनों जीम रहे हैं व चौपड़ पासा खेल रहे हैं। देखकर वह बहुत खुश हुई और पूछने लगी ये कैसे हुआ बहू बोली यह सब मुझे मेरी चौथ माता ने दिया है और सासूजी के पैर छूने लगी और सास ने अमर सुहाग की आशीष दी। दूर खड़े हुये पति-पत्नी का गठबन्धन जुड़ गया और सब चौथ माता का चमत्कार मानने लगे। चौथ माता का व्रत पुरुष की पत्नी, बेटे की माँ सभी को करना चाहिये। तेरह चौथ करनी चाहिये।
‘हे! चौथ माता जैसा साहूकार की बेटी का सुहाग अमर किया वैसा सभी का करना। कहने-सुनने वालों को, हुकारा भरने वालों को सभी को अमर सुहाग देना। बोलो – मंगल करणी दुख हरणी चौथ माता की जय।’
✍🏻 मनीष बागड़ी
यह भी पढ़ें : CM भजनलाल ने टोंक में कल्याण जी के दर्शन किए, फिर पंचायत राज को लेकर कार्यकताओं के साथ बनाया ‘सॉलिड प्लान’

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live









