मेंढक-मेंढकी बने दूल्हा-दुल्हन! पूरे शहर ने देखी अनोखी शादी
बांसवाड़ा/जयपुर : राजस्थान की संस्कृति अनूठी परंपराओं का केंद्र है। प्रदेश में कई तरह के रीति रिवाज और रस्म निभाई जाती है। इस बीच राजस्थान के बांसवाड़ा में एक अनूठी परंपरा सुर्खियों में है, जहां अच्छी बारिश की कामना को लेकर गुरुवार को लोगों ने ढ़ोल नगाड़े के साथ मेंढक और मेंढकी का पूरे रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया। इसके पीछे लोगों की मान्यता है कि उनके विवाह के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है। यह विवाह न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों में है।
यह भी पढ़ें : 100 से अधिक भ्रूणों का मार दिया गर्भ में! पुलिस ने दबोचा हैवान को
रीति रिवाज के साथ मेंढक मेंढकी का विवाह
हैरान कर देने वाली यह रस्म बांसवाड़ा के डेगली माता चौक पर आयोजित हुई, जहां गुरुवार को शहर के काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए। ढ़ोल नगाड़ों के साथ मेंढक की बारात निकाली गई। इस दौरान एक शादी समारोह में जो रस्म में होती है, वह सभी पूरी की गई। मेंढक की बारात पहुंचने पर उसका स्वागत किया गया। वैदिक मंत्रोचार के बीच मेंढक और मेंढकी का विवाह संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। बाद में उन्हें विदाई भी दी गई।
यह भी पढ़ें : ‘दुश्मनी जमकर करो, लेकिन एक खिड़की खुली रखो’, वसुंधरा राजे का इशारा किसकी तरफ
विवाह के लिए निमंत्रण पत्रिका वितरित गई थी
शहर में मेंढक और मेंढकी के विवाह को लेकर काफी दिनों से चर्चा रही। इस बीच आयोजित होने विवाह की निमंत्रण की पत्रिका भी छपवाई गई। जिसे बाद में शहर के विभिन्न स्थानों पर बांटा गया। निमंत्रण पत्रिका के बाद यह विवाह और सुर्खियों में आ गया। लोग इस विवाह को देखने के लिए उत्सुक हो गए। इस दौरान गुरुवार को पूरे रीति रिवाज और रस्मों के आधार पर यह विवाह संपन्न हुआ। लोगों में मिठाई भी बांटी गई। पारंपरिक गीत के साथ मेंढक और मेंढक को विदाई भी दी गई।
यह भी पढ़ें : मंत्री के साथ ट्रैक्टर पर सवारी! कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष पर गिरी बड़ी गाज
लोगों की मान्यता मेंढक का वर्षा से संबंध
बांसवाड़ा में हालांकि यह रस्म हर साल नहीं मनाई जाती है, लेकिन जिस साल भी लगता है कि इस बार मानसून कमजोर रहेगा। बारिश देरी से होगी। तब मेंढक और मेंढकी का विवाह करवाया जाता है। लोगों की मान्यता है कि मेंढक का वर्षा से घनिष्ठ से संबंध है। मेंढक की आवाज से बादल आकर्षित होते हैं। जब 2 मेंढकों को का विवाह करवा कर उन्हें छोड़ा जाता है, तो बादल उस क्षेत्र में अच्छी वर्षा करते हैं। लोग अच्छी वर्षा के लिए इस रस्म को टोटका मानते हैं।
यह भी पढ़ें : कैबिनेट मंत्री के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं का बवाल! फिर मंत्री ने स्वीकार की गलती
शिवलिंग को जलमग्न किया जाता है
वागड़ क्षेत्र में अच्छी वर्षा के लिए एक रस और निभाई जाती है। जिसमें क्षेत्र के शिवलिंग को जलमग्न किया जाता है। इसके पीछे लोगों की मान्यता है कि भगवान शिव जब जल मग्न रहते हैं, तो ठंडे रहते हैं। इससे उसे क्षेत्र में सूखा नहीं पड़ता है और वहां अच्छी बारिश होती है।
लकड़ी की सीढ़ी पर चढ़े अतिरिक्त मुख्य सचिव! फिर किया छत से स्कूल का निरीक्षण, वीडियो वायरल

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
Follow us –
manishbagdi.reporter@gmail.com, www.thepoliticaltimes.live,






