राजस्थान में नशा तस्करों पर अब तक की सबसे बड़ी चोट! 692 करोड़ की ड्रग्स जब्त
जयपुर : राजस्थान में भजनलाल सरकार के नेतृत्व में नशे के कारोबार और तस्करों की कमर तोड़ कर रख दी है। पिछले 9 माह में जो आंकड़ा सामने आया है। वह अब तक नशे की कारोबार पर सबसे बड़ी चोट है। इस दौरान प्रदेश में 9 महीने में रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए 5951 मामले दर्ज किए गए हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए 7502 नशे के सौदागरों को दबोचा गया है। इसके अलावा इस कार्रवाई में 692 करोड रुपए की लागत का मादक पदार्थ भी बरामद किया गया है। प्रदेश में यह कार्रवाई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस के नेतृत्व में की गई।
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9 महीने की कार्रवाई के आंकड़े जारी
सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़े में अक्टूबर 2025 में ANTF ने आधुनिक तकनीक, AI, मजबूत सूचना तंत्र और विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमों का गठन किया। इसके बाद प्रदेश में ताबड़तोड़ कार्रवाइयों की गई।।इसमें 9 महीने में प्रदेश में 5951 मामले दर्ज कर 7502 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें ANTF ने अकेले 515 विशेष अभियान चलाकर 703 तस्करों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 30 एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। इसके अलावा अवैध अफीम की खेती के खिलाफ 17 बड़े अभियान भी चलाए गए।
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प्रदेश में 692 करोड रुपए का मादक पदार्थ
प्रदेश में 9 महीने में विभिन्न अभियान चलाए गए। सरकार की ओर से जारी आंकड़े में ANTF ने करीब 692 करोड रुपए का मादक पदार्थ जब्त किया है। इनमें कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 लाख 27 हजार किलोग्राम से अधिक डोडा-चूरा, 838 किलोग्राम अफीम, 7,563 किलोग्राम गांजा, 82 किलोग्राम हेरोइन, 46 किलोग्राम स्मैक और 1.80 लाख से अधिक नशीली गोलियां बरामद की हैं। इसके अलावा 296 किलोग्राम एमडी, 16 किलोग्राम एमडीएमए, 410 किलोग्राम 2-ब्रोमो और अन्य रसायन भी जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में किया जाता है।
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हेल्पलाइन नंबर की मदद से तोड़ा नेटवर्क
प्रदेश में ANTF के नशे के खिलाफ इस बड़े अभियान में हेल्पलाइन नंबर की अहम भूमिका रही। हेल्पलाइन नंबर 1933 पुलिस के लिए काफी अहम साबित हुई है। इस हेल्पलाइन नंबर के जरिए पुलिस को नशे के कारोबारी तस्करों के खिलाफ सटीक सूचनाएं मिली। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 9 महीने में रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया। इस हेल्पलाइन नंबर पर आमजन गोपनीय तरीके से नशे के खिलाफ सूचनाए दे सकते है। यही नहीं ANTF ने अपने खास अभियान ‘लक्ष्मण रेखा’ के तहत 157 शिविर लगाए, जो लोगों को नशे के खिलाफ जागरुक कर रहे हैं।
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‘दुश्मनी जमकर करो, लेकिन एक खिड़की खुली रखो’, वसुंधरा राजे का इशारा किसकी तरफ

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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