‘दुश्मनी जमकर करो, लेकिन एक खिड़की खुली रखो’, वसुंधरा राजे का इशारा किसकी तरफ
जयपुर : राजधानी में राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर बुधवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी शिरकत की। इस बीच पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का एक बयान सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है। इस दौरान अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने बशीर भद्र के एक शेर का हवाला दिया। साथ ही कहा कि ‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन एक खिड़की खुली रखो, ताकि जब कभी हम दोस्त हो जाए तो शर्मिंदा न होना पड़े।’ वसुंधरा राजे के इस शेर को लेकर अब सियासी गलियारों में जमकर हलचल मच गई है।
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‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन एक खिड़की खुली रखो
अमृत महोत्सव के पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का यह बयान सियासी हलकों में हलचल पैदा कर रहा है। वहीं राजनीतिक जानकार इसके कई तरह के मायने निकाल रहे हैं। चर्चा है कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने विधानसभा में पक्ष और विपक्ष के नेताओं को नसीहत देकर पाठ पढ़ाया। ‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन एक खिड़की खुली रखो, थोड़ी तो गुंजाइश रखो, ताकि जब कभी हम दोस्त हो जाए तो शर्मिंदा न होना पड़े’। इस शेर के माध्यम से राजे कहना चाह रही है कि आज के परिपेक्ष में लोगों में राजनीतिक कड़वाहट और व वैमनस्यता बढ़ती जा रही है। इस पर वसुंधरा राजे ने चिंता व्यक्त की है।
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राज नेताओं को वसुंधरा राजे की बड़ी नसीहत
इस शेर के माध्यम से राजे ने वर्तमान राजनीतिक पर कटाक्ष किया है। उन्होंने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने यह कहने का प्रयास किया है कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। राजनीति के चक्कर में हमें स्वस्थ संवाद और एक दूसरे का सम्मान भी बरकरार रखना होगा। सियासी गलियारों में चर्चा है कि विधानसभा सत्र के दौरान जो पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच नोक झोंक और बीते दिनों कई ऐसी घटनाएं हुई है, जिन्हें देखते हुए राजे ने नेताओं को यह नसीहत दी।
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तब सदन गौर से सुनता था
राजे ने आगे कहा कि गुलाब चंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़, सीपी जोशी, प्रद्युम्न सिंह, घनश्याम तिवाड़ी, डॉ.नाथू सिंह गुर्जर, राजपाल शेखावत तर्क के साथ बोलते थे, तो पूरा सदन सुनता था, पर आज ऐसा नहीं है। उन्होंने राव राजेंद्र सिंह,काली चरण सराफ़ व बीडी कल्ला को भी अच्छा वक्ता बताया। उन्होंने कहा कि भैरों सिंह शेखावत का व्यवहार हरिदेव जोशी से सिकंदर-पोरस जैसा था। सिकंदर ने पोरस को हराने के बाद भी उसके साथ एक शासक जैसा व्यवहार किया।
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समारोह में यह लोग थे मौजूद
इस कार्यक्रम में वर्तमान के सभी विधायक और 37 पूर्व विधायक भी मौजूद थे। इसके अलावा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी, सीएम भजनलाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पंजाब के राज्यपाल और पूर्व मंत्री गुलाबचंद कटारिया समेत दिग्गज नेता मौजूद थे।
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पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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