रक्षाबंधन पर सड़क पर उतरा हजारों ग्रामीणों का ‘सैलाब’, धौलपुर में टाइगर रिजर्व के विरोध में बड़ा प्रदर्शन

रक्षाबंधन पर सड़क पर उतरा हजारों ग्रामीणों का ‘सैलाब’, धौलपुर में टाइगर रिजर्व के विरोध में बड़ा प्रदर्शन
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धौलपुर : राजस्थान के धौलपुर में रक्षाबंधन के पर्व के मौके पर भी हजारों ग्रामीणों की भीड़ का विरोध को लेकर सड़क पर नजर आई। उनका यह रेला धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व के विरोध को लेकर हैं। ग्रामीण टाइगर रिजर्व को रद्द करवाने की मांग को लेकर काफी दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के सड़कों पर दिखाई देने की तस्वीर और वीडियो काफी चर्चा में है। दरअसल, ग्रामीणों की मांग है कि जब घर ही नहीं रहेगा, जमीन नहीं बचेगी और परिवार का भविष्य ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो हमारे लिए त्यौहार किस बात का? बता दें कि ग्रामीण करीब 10-12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।


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त्यौहार के दिन हजारों ग्रामीण उतरे सड़कों पर प्रदर्शन के लिए

यह मामला धौलपुर के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र का है, जहां रक्षाबंधन के पर्व पर एक और भाई बहन इस त्यौहार को मनाते हैं, लेकिन इस त्यौहार को छोड़कर यहां के हजारों ग्रामीण सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करते नजर आए। उनका यह विरोध धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व को लेकर है, जहां बफर जोन की अधिसूचना के बाद धौलपुर के 60 और करौली के 48 गांव इससे प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व के कारण उनकी खेती, पशुपालन, गोचर भूमि का नुकसान होगा, क्योंकि कई परिवारों के पास सरकारी पट्टे नहीं है। ऐसे में उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाएगा। जिसका ग्रामीणों को भय सता रहा हैं।

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टाइगर रिजर्व रद्द करो, ग्रामीणों की मांग

टाइगर रिजर्व के कारण धौलपुर और करौली के 108 गांव के करीब 40 हजार लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। इनमें अधिकांश लोगों के पास सरकारी पट्टे नहीं है, यदि उन्हें सरकार ने हटाया, तो वह मुआवजे के हकदार नहीं होंगे। इसको लेकर ग्रामीणों की एक ही मांग है कि टाइगर रिजर्व को रद्द किया जाए। इस दौरान ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन और गांव बचाने का नारा लगाया। इधर, ग्रामीणों की रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी मांग उठाते हुए नजर आ रहे हैं।

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टाइगर रिजर्व का क्या है पूरा मामला

बता दें कि राजस्थान में पांचवा टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर राज्य सरकार ने धौलपुर करौली में टाइगर रिजर्व के लिए बफर जोन का नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें धौलपुर और करौली के 108 गांव शामिल है। इसके बफर जोन को लेकर 6 जून 2025 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। इसके अनुसार टाइगर रिजर्व 1075 वर्ग किलोमीटर का होगा। इस टाइगर रिजर्व का मुख्य उद्देश्य रणथम्भौर टाइगर रिजर्व पर बढ़ते हुए दबाव को कम करना है। वहां टाइगर की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस धौलपुर के प्रस्तावित रिजर्व में टाइगर विस्थापित किए जाने की योजना है।

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सरकार का कहना, स्वैच्छिक होगा विस्थापन

इधर, धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व को लेकर सरकार का कहना है कि विस्थापन केवल कोर क्षेत्र में होगा, जो भी स्वैच्छिक होगा। वन मंत्री संजय शर्मा का कहना है कि बफर जोन में आने वाले गांव नहीं हटाएंगे। साथ ही गांव वालों से कोई जबरदस्ती नहीं होगी। इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट किया है कि मुआवजा पैकेज में प्रति व्यस्क को 15 लाख रुपए या खेती की जमीन, मकान, प्लाट आदि का विकल्प दिया जाएगा। वन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि गांव में होमस्टे और विलेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए योजना है। जिससे स्थानीय ग्रामीण पर्यटकों से कमाई कर सके।

लेखक – मनीष बागड़ी 

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मनीष बागड़ी जनर्लिस्ट द पॉलिटिकल टाइम्स
मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live
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मनीष बागड़ी, Author

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live