देवली नगर पालिका में नई सरकार, लेकिन सवा महीने में ही विवाद! उपाध्यक्ष ने चेयरमैन पर उठाई उंगली

टोंक : राजस्थान के टोंक में देवली नगर पालिका में में नए बोर्ड के गठन के करीब सवा महीने बाद ही बीजेपी में विवाद उभर गया है। इस दौरान विकास कार्यों को लेकर पालिका उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने अपनी ही पार्टी की पालिका अध्यक्ष को पहली बोर्ड की बैठक के बाद ही सवालों के घेरे में लिया है। इसको लेकर उन्होंने पालिका अध्यक्ष के चेंबर में बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। जिसमें उन्होंने लाइट टेंडर को लेकर बड़ी हेर फेर करने का आरोप लगाया। साथ ही टेंडर प्रक्रिया पर कई बड़े सवाल खड़े किए। इधर, शहर में हुए इस सियासी घटनाक्रम से हलचल मच गई। वहीं लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई।
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लाइट के टेंडर में लगाए अनियमितता के आरोप
पालिका उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने नगर पालिका के वार्षिक लाइट रिपेयर टेंडर को लेकर कई बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पूर्व में 1 अप्रैल 2026 से मार्च 2017 तक साढ़े लाख रुपए सालाना का वार्षिक बजट का टेंडर था, लेकिन उसे समाप्त कर नया टेंडर जो 48 लाख रुपए सालाना का है। जिसमें अतिरिक्त शर्तें जोड़कर इसके लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है, जो नगर पालिका और जनता पर सीधा-सीधा साढ़े 42 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ है।
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टेंडर की शर्त पर भी उठाए सवाल
नेमीचंद्र जैन ने टेंडर की शर्त को लेकर भी बड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिजली के नए टेंडर में केवल एक अतिरिक्त शर्त जोड़ी गई है। इसमें रिपेयर का सामान जैसे बल्ब आदि ठेकेदार का होगा। जबकि जो बल्ब लगाया जाता है। उस पर कंपनी 2 साल की वारंटी देती है। इसके अलावा बड़ी खराबी होने पर पूरी लाइट बदल दी जाती है। ऐसे में भारी भरकम राशि के टेंडर को सही साबित करने के लिए, जो शर्त जोड़ी गई है उसका कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका फंड से ठेकेदार को नई लाइट खरीद कर दी जाती है। इसके अलावा टेंडर के अनुसार ठेकेदार देवली के 35 वार्डों में न तो रोड लाइट लगाएगा, ना बिजली का पोल और नए तार। ऐसी स्थिति में इतना महंगा टेंडर दिया जाना उचित नहीं है।
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पालिका अध्यक्ष पर उठाएं सवाल
पालिका उपाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने नई टेंडर प्रक्रिया को लेकर देवली के पालिका अध्यक्ष को सवालों के घेरे में लिया है। उन्होंने दावा किया कि मंडल की पहली बैठक में इस टेंडर का विरोध हुआ। इसमें भारी वित्तीय नुकसान को देखते हुए पार्षदों ने सर्वसम्मति से इसे निरस्त कर दिया, लेकिन बाद में बैठक में प्रस्ताव निरस्त होने के बावजूद अगले दिन से पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है और इस टेंडर को बहाल करने के लिए उनसे हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं।
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वाइस चेयरमैन ने विवाद को लेकर देवली विधायक से नहीं की बात
इस दौरान नेमीचंद जैन से सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले में देवली विधायक राजेंद्र गुर्जर को अवगत कराया। इस पर नेमीचंद जैन ने कहा कि उन्होंने विधायक से इस संबंध में कोई बातचीत नहीं की है, क्योंकि यह उनका व्यक्तिगत मामला नहीं बल्कि सार्वजनिक मामला है। इसलिए उन्होंने विधायक से बात नहीं की। नेमीचंद ने यह भी बताया कि उनको जी शेड्यूल और प्रोसिडिंग की प्रति नहीं दी गई है। इधर, नेमीचंद जैन का यह जवाब प्रेस कॉन्फ्रेंस में चर्चा में रहा। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने वाइस चेयरमैन से पूछा कि उनकी अगली रणनीति का क्या कदम होगा? इसको लेकर सवाल किया, तो वह इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
✍🏻 मनीष बागड़ी

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live









