कांग्रेस में ‘जाति संग्राम’! 2028 से पहले ही कमजोर पड़ जाएगा “हाथ”?

कांग्रेस में ‘जाति संग्राम’! 2028 से पहले ही कमजोर पड़ जाएगा “हाथ”?
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✍️ बाल मुकुंद जोशी (वरिष्ठ पत्रकार)

जयपुर : राजस्थान के बीकाणा यानी (बीकानेर) कांग्रेस में उठे जातिवाद के चक्रवात ने अब तूफान का रूप ले लिया है, और फिलहाल इसके थमने के कोई आसार नजर नहीं आते। हालात ऐसे हैं कि अगर यह सियासी आंधी यूं ही चलती रही, तो आने वाले 2028 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस कमजोर पड़ सकती है। चुनावों में पश्चिम राजस्थान और शेखावाटी की कई सीटों पर “हाथ” खुद ही अपनी पकड़ ढीली करता नजर आ सकता है। कांग्रेस को इस पर गंभीर तौर पर चिंतन करने की जरूरत है।

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सड़कों पर कांग्रेस की लोकतांत्रिक कुश्ती

स्वर्गीय रामेश्वर डूडी के समर्थकों और गोविंद राम मेघवाल के खेमों के बीच सड़क पर जो “लोकतांत्रिक कुश्ती” हुई, उसने यह साफ कर दिया कि पार्टी के अंदर संवाद कम और दंगल ज्यादा बचा है। हाल यह रहा कि प्रदेश कांग्रेस के कथित निर्देश भी दोनों पक्षों के जोश के आगे ऐसे उड़ गए जैसे आंधी में पोस्टर। राजस्थान में सत्ता गंवाने के बाद उम्मीद थी कि कांग्रेस आत्ममंथन करेगी, लेकिन यहां तो “आत्ममंथन” की जगह “आंतरिक मंथन युद्ध” चल रहा है। विपक्ष में बैठकर सरकार को घेरने की बजाय, नेता अपने-अपने सामाजिक समीकरणों की गिनती में उलझे हुए हैं, मानो चुनाव नहीं, जातीय जनगणना की प्रैक्टिस चल रही हो।

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कांग्रेस का संघर्ष अपनों में ही फंसा

मेघवाल बनाम जाट खेमेबाजी अब सिर्फ संगठन की दीवारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़कों पर उतरकर यह संदेश दे रही है कि 2028 का सत्ता सपना फिलहाल “अपनों के संघर्ष” में ही फंसा हुआ है. अगर यही हाल रहा, तो कांग्रेस को विपक्ष में बैठकर सरकार को घेरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पार्टी के अपने ही लोग “हाथ” की पकड़ ढीली करने के लिए काफी हैं। कुल मिलाकर, कांग्रेस की मौजूदा स्थिति कुछ यूं है, नारा भले “एकता” का हो, लेकिन जमीन पर हर कोई अपनी-अपनी “राजनीतिक जाति” का झंडा लेकर मैदान में उतर चुका है।

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मनीष बागड़ी प्रोफ़ाइल फोटो

पत्रकारिता में पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखने में विशेष रुचि। पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, इसके अलावा IAS, IPS जैसे ब्यूरोक्रेट्स को लेकर विशेष स्टोरी कवर करता हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपराध, पॉलिटिकल रैलियां, सभाएं, ऐतिहासिक स्थलों के महत्व जैसे कई विषयों पर भी स्टोरीज की हैं। इस सफर में राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।

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मनीष बागड़ी, Author

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