गहलोत ने सीएम की हिम्मत की दाद देकर क्यों कर डाली तारीफ, सीएम के ‘चुनौती वाले बयान‘ से हलचल
जयपुर: राजस्थान में सीएम भजनलाल के ‘चुनौती वाले बयान‘ के बाद कांग्रेस ने इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सीएम की इस चुनौती का पलट वार करते हुए उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ‘मैं उनकी हिम्मत की दाद देता हूं, जो उन्होंने इस तरह की बात करने का साहस किया हैं।‘ बता दें कि सीएम की चुनौती के बाद अब पीसीसी के चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीएम को बहस के लिए खुद के तैयार होने की बात कर दी हैं। यहां तक कि डोटासरा ने तो बहस के लिए अल्बर्ट हॉल की जगह बताते हुए भी सुझाव दिया।
मैं मुख्यमंत्री की हिम्मत की दाद देता हूं: गहलोत
बीते दिनों सीएम भजन लाल ने कांग्रेस और बीजेपी के कामकाज को लेकर खुले मंच से बहस की चुनौती दी थी। इस बयान के बाद अब प्रदेश की सियासत में जमकर हलचल मची हुई है। इस बीच गहलोत का भी इस पर बड़ा बयान आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘मैं उनकी हिम्मत की दाद देता हूं कि उन्होंने यह बात कहने का साहस किया, लेकिन उन्होंने अगर ज्यादा काम किया है, तो यह तो जनता तय करेगी। उन्होंने निशाना साधते हुए हुए कहा कि प्रदेश में जनता जान रही है कि जिलों में क्या हो रहा हैं, गांवों में क्या हो रहा है? गहलोत ने कहा मुख्यमंत्री को किसी ने जुमला पकड़ा दिया होगा और उन्होंने मीडिया को बता दिया होगा। इस दौरान गहलोत ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में उन्होंने क्या किया और 5 सालों में क्या हुआ? इसको जानता अच्छे से जानती हैं।
पिछली योजनाओं को तो इस सरकार ने कमजोर किया
मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने कार्यों का बखान कर रहे हैं, लेकिन उनकी कांग्रेस के सरकार में प्रदेश में कई जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने की अपेक्षा वर्तमान सरकार ने कमजोर कर दिया या बंद कर दिया। इस दौरान गहलोत ने अन्नपूर्णा योजना स्वास्थ्य सेवाएं और पेंशन योजना का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को इनसे काफी फायदा हो रहा था, लेकिन इनके बंद होने या कमजोर होने से लोग प्रभावित हुए हैं।
जूली और डोटासरा ने सीएम की चुनौती स्वीकार की
इधर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीएम भजनलाल की चुनौती को स्वीकार करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की चुनौती को स्वीकार करने के लिए हम तैयार हैं। मैं मुख्यमंत्री से खुले मंच पर बहस करने की तैयारी कर रहा हूं, मुख्यमंत्री बहस के लिए स्थान और समय तय करके मुझे सूचित करें। इसी तरह प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चाहे तो अल्बर्ट हॉल के बाहर सार्वजनिक मंच पर और जनता और मीडिया के सामने हमारी सरकार और भाजपा सरकार के काम को लेकर बहस कर लें, पता चल जाएगा कि भाजपा सरकार में कितना काम हुआ है।

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live






