उदयपुर में गधों की हुई जमकर मौज! लोगों ने खिलाएं गुलाब जामुन, जानिए क्यों?
उदयपुर : राजस्थान के उदयपुर में गधों की मौज हो गई। उन्हें जमकर गुलाब जामुन खिलाए गए। यह सुनकर आप भी हैरान हो रहे होंगे। पर यह सच है दरअसल यह नजारा उदयपुर के कृषि विभाग के कार्यालय के सामने देखने को मिला, जहां किसानों ने यूरिया खाद की कमी को लेकर अपना रोष प्रकट किया। साथ ही गधों को गुलाब जामुन खिलाया। इस दौरान किसानों ने यूरिया खाद के बैग पर मालाएं चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। किसानों का यह अनूठा प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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गधों ने उड़ाई दावत, खाए गुलाब जामुन
दरअसल, उदयपुर में यह प्रदर्शन किसानों की तरफ से यह प्रदर्शन देखने को मिला, जहां यूरिया खाद की कमी के कारण किसान बुरी तरह परेशान हैं। इसको लेकर किसान उदयपुर के कृषि विभाग कार्यालय पहुंच गए। जहां उन्होंने यूरिया खाद की कमी को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिली भगत से यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। यूरिया खाद इस समय किसानों को मिलना जरूरी है, लेकिन उसकी कालाबाजारी की जा रही है। इसके विरोध में किसानों ने गधों को गुलाब जामुन खिलाया।
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गधों को गुलाब जामुन खिलाया, तो पुलिस ने आपत्ति जताई
यूरिया खाद की कमी से किसानों में जमकर आक्रोश देखने को मिला। कृषि विभाग के कार्यालय के बाहर किए गए इस अनूठे प्रदर्शन को देखने के लिए लोग जमा हो गए। इस बीच जब किसान गधों को गुलाब जामुन खिला रहे थे, तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और गधों को हटाने का प्रयास किया। इसको लेकर किसानों और पुलिस के बीच में बहस हो गई। किसानों के इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस का कहना था कि जानवरों पर अत्याचार किया जा रहा हैं। इस पर किसान बोले की किसी जानवर को गुलाब जामुन खिलाना कोई अत्याचार होता है। पुलिस आपत्ति के बाद भी किसानों का विरोध लगाता जारी रहा।
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यूरिया खाद की मांग को लेकर किसानों ने दिया ज्ञापन
इस दौरान किसानों ने अपनी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही प्रदर्शन के बाद किसानों ने ज्ञापन भी दिया। इसमें किसानों को जल्द पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध करवाने की मांग की गई। किसानों ने कहा कि यदि किसानों को खाद समय पर नहीं मिलेगी तो फसले बर्बाद हो जाएगी। उदयपुर में यूरिया खाद के लिए काफी मारामारी देखी जा रही है। खाद हांसिल करने के लिए किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, घंटों लाइनों में लगने के बावजूद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही हैं। इसी के चलते किसानों का आक्रोश देखने को मिला हैं।
कृषि मंत्री का दावा, उदयपुर में मांग से अधिक यूरिया खाद उपलब्ध
उदयपुर में एक तरफ यूरिया खाद की किल्लत से परेशान किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा दावा कर रहे हैं कि उदयपुर में मांग से भी अधिक यूरिया खाद का स्टॉक उपलब्ध है। बीते दिनों किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया कि उदयपुर के पास 35 प्रतिशत अधिक यूरिया खाद का स्टॉक उपलब्ध है, यानी उदयपुर में 21000 मेट्रिक टन के मुकाबले 28000 मेट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कृषि मंत्री कह रहे हैं कि पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध है, फिर उदयपुर में यह यूरिया कहां जा रहा है? किसानों को क्यों लाइनों में लगकर खाद के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इसको लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live






