पुलिस कांस्टेबल की हत्या! टोंक मेें जमकर बवाल, पांच घंटे प्रदर्शन चला, फिर..

टोंक : राजस्थान के टोंक में पुलिस कांस्टेबल भागचंद सैनी की निर्मम हत्या के मामले को लेकर रविवार को जमकर बवाल हुआ। इस दौरान सैनी समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। टोंक के सहादत अस्पताल में करीब पांच घंटे तक पुलिस प्रशासन और समाज के लोगों में गतिरोध रहा। ग्रामीणों ने कहा जब तक कि मांगे नहीं मानी जाएगी, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा। बाद मेें पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी समेत नेताओं ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले को सुलझाया। बाद में समाज की मांग पर एक करोड रुपए से अधिक की सहायता राशि दिए जाने का आश्वासन दिया गया। साथ ही मृतक कांस्टेबल के परिजनों को अनुकंपात्मक नौकरी देने पर सहमति बनी। तब जाकर समाज का रोष शांत हुआ।
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कांस्टेबल का शव देखकर बिफर गए समाज के लोग
जानकारी के अनुसार टोंक जिले के बनेड़ा थाना क्षेत्र में यह हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई, जहां रविवार सुबह का ककोड़ पुलिस चौकी के समीप पुलिस कांस्टेबल भागचंद सैनी का लहुलूहान अवस्था में शव मिला। जिस पर चोटों के कई गंभीर निशान थे। पुलिस कांस्टेबल का शव मिलते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। इस दौरान सैनी समाज के लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने जमकर बवाल किया। समाज के लोग शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़े गए। बाद में जैसे-तैसे कर पुुलिस ने समझाइश की और शव को टोंक लेकर आई।
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पूर्व मंत्री सैनी ने मध्यस्थता कर सुलझाया मामला
इस दौरान सैनी समाज के जमकर विरोध को देखते हुए पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी और पूर्व विधायक अजीत मेहता, जिला अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान पूर्व सभापति गणेश माहुर मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने समझाइश की और आक्रोशित लोगों के ज्ञापन लेकर प्रशासन से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद फिर से समाज के लोगों से बातचीत की। समाज के लोग सहमत होने के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान सैनी ने कहा कि कांस्टेबल की निर्मम हत्या पुलिस पर हमला है। उन्होंने कहा कि यदि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद होते हैं, तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति में भी माली समाज ने अपने धैर्य का परिचय दिया है, जो स्वागत योग्य है। इस दौरान काफी मशक्कत के बाद समाज के लोगों की मांगे मानी गई। इसमें मृतक कांस्टेबल के परिजनों को एक करोड रुपए से अधिक की सहायता राशि देने और अनुकंपात्मक नौकरी दिए जाने का आश्वासन दिया। इस वार्ता में टोंक एडीएम समेत कई अधिकारी भी मौजूद थे। इसके बाद जाकर समाज के लोग पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
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कांस्टेबल की हत्या का यह रहा पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह ककोड़ पुलिस चौकी पुलिस कांस्टेबल भागचंद सैनी का शव मिलने की सूचना आई। भागचंद बीती रात गश्त पर गया हुआ था। इस बीच यह वारदात हुई। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो भागचंद का शव उल्टा पड़ा हुआ था। इसके अलावा उसके गले पर धारदार हथियार के कट का निशान था। पास में पुलिस की बाइक खड़ी हुई थी। सूचना पर टोंक एडिशनल एसपी रतनलाल भार्गव, टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इस बीच जब पुलिस शव को लेकर जाने लगी, तो समाज के लोग बवाल करने लगे। उन्होंने पुलिस को शव ले जाने से मना कर दिया। साथ ही अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस सूचना पर टोंक के पूर्व विधायक अजीत मेहता समेत कई नेता मौके पर पहुंच गए, जहां उन्होंने कांस्टेबल की हत्या के मामले पर आक्रोश व्यक्त किया। बाद में समझाइश के बाद पुलिस शव को टोंक लेकर रवाना हुई।
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पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में ‘स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स’ लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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