मृतक के नाम पर बड़ा खेल! खाते से हजारों रुपए निकले, बैंक को पता ही नही?

मृतक के नाम पर बड़ा खेल! खाते से हजारों रुपए निकले, बैंक को पता ही नही?
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जैसलमेर (जगदीश गोस्वामी) : राजस्थान के जैसलमेर में मृतक व्यक्ति के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। इस दौरान कोऑपरेटिव बैंक में मृत व्यक्ति के खाते से हजारों की नकद राशि निकाली गई। हैरान कर देने वाले इस मामले के उजागर होने के बाद जैसलमेर के कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बीच बैंक का बड़ा ही गैर जिम्मेदाराना जवाब सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर, कोऑपरेटिव बैंक में मृतक व्यक्ति के खाते से पैसे निकालने के मामले पर अब बैंक की साख पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यदि बैंक में इस तरह का खेल देखने को मिलेगा, तो क्या अब लोगों के मेहनत की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह पाएगी?

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जैसलमेर मृतक के बैंक खाते से निकाली राशि

मृतक के खाते से निकालिए 15000

हैरान कर देने वाला इस कारनामा ने जैसलमेर के कोऑपरेटिव बैंक में खेल का उजागर किया है, जहां एक किसान जुम्मा खां की मृत्यु 6 महीने पहले यानी 5 जनवरी को हुई थी। इस बीच कोऑपरेटिव बैंक में मृतक के खाते से दो बार में 15000 रुपए की राशि निकाली गई। इनमें 2 अप्रैल को 5000 और 6 में को 10000 निकल लिए गए। ऐसे में अब सवाल खड़े हो गए हैं यदि खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है, तो फिर उसके खाते से कैसे भुगतान निकल गए और किसने यह पैसे निकाले?

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बैंक को पता ही नहीं किसने निकाल लिए पैसे

इस संबंध में जैसलमेर की कलेक्टर से शिकायत की तो कलेक्टर ने इस मामले में बैंक से स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन यह स्पष्टीकरण काफी चौंकाने वाला था। इसमें बैंक ने बताया कि उनकी शाखा में हर दिन से सैंकड़ों आदमी आते हैं, ऐसे में पता नहीं चल पाया है कि किसने खाते से राशि निकाली है, इसीलिए व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल है। बैंक के इस गैर जिम्मेदाराना जवाब ने अपनी लापरवाही को उजागर कर दिया है।

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जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए

इधर, जैसलमेर कलेक्टर को बैंक ने जो जवाब दिया, उससे संदेह प्रकट हो रहा है कि इसमें कोई बड़ी मिली भगत है। इस मामले में कलेक्टर ने बैंक के खिलाफ शिकायत की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसमें सवाल उठता है कि यदि बैंक में खाता धारकों की जगह अगर कोई दूसरा शख्स पैसे निकालने में कामयाब रहता है, तो या तो यह बैंक की बड़ी लापरवाही है या फिर बैंक में किसी की मिलीभगत है। बैंक में लोगों की कमाई सुरक्षित रहेगी या नहीं इसको लेकर अब संशय प्रकट हो गया है। इधर, कोऑपरेटिव बैंक की व्यवस्था और कार्य प्रणाली को लेकर जैसलमेर में काफी चर्चा हो रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच के बाद क्या एक्शन लेता है?

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मनीष बागड़ी जनर्लिस्ट द पॉलिटिकल टाइम्स
मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live
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मनीष बागड़ी, Author

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live