अब आशुतोष रांका होंगे CJP के असली लीडर ! तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद CJP में क्या होगा? अभिजीत दीपके का बड़ा संकेत
नई दिल्ली : सात दिनों तक तिहाड़ जेल में बंद सीजेपी लीडर आशुतोष रांका और सौरव दास को आखिर जमानत मिल गई। जमानत वही पुरानी शर्तों पर मिली हैं। इस बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके का एक बड़ा बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने आशुतोष और सौरव की जमकर तारीफ की। यहीं उन्होंने अब आशुतोष को अपना असली लीडर और मार्गदर्शक तक कह दिया है। दीपक ने यह भी स्वीकार किया है कि सौरव और आशुतोष मुझसे बेहतर नेता है। मुझे इनका आदेश मानने में खुशी होगी। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अब सीजेपी के आंदोलन को आशुतोष रांका लीड करेंगे। दीपके ने यह भी संकेत दिए हैं कि यह लड़ाई लंबी चलने वाली है, यानी सीजेपी का प्रोटेस्ट जारी रहेगा।

जेल में रहने के बाद भी आशुतोष और सौरव दास दिखे आक्रमक
आशुतोष और सौरव दास सात दिनों तक तिहाड़ जेल में बंद रहे। उनके जमानत पर रिहा होने के बाद सीजेपी में खुशी का माहौल है। इधर, जेल से रिहा होने के बाद सौरव दास और आशुतोष आत्मविश्वास से लबरेज दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर एक वीडियो में सौरव दास ने कहा कि हम जेल की रोटी, जेल का पानी और जेल की दाल खाकर आए हैं, लेकिन हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। दोनों नेता जब 21 अक्टूबर की रात को जेल से बाहर निकले, तो उनके चेहरे पर आक्रमक और मुस्कान की प्रतिक्रिया नजर आई। उन्होंने सत्यमेव जयते की नारे लगाए। जेल से बाहर निकलते ही तिरंगा हाथ में लेकर इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। साथ ही उन्होंने फिर से ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे को लेकर ‘ज्ञानू मस्ट गो’ के भी नारे लगाए।
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क्या आशुतोष रांका करेंगे अब सीजेपी को लीड
जेल से बाहर निकालने के बाद अभिजीत दीपके बेहद खुश नजर आए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों नेताओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए दोनों नेताओं को असली लीडर और मार्गदर्शक बताया। उन्होंने लिखा कि आशुतोष मुझसे बेहतर लीडर है, बल्कि संगठन के लिए असली निर्णय लेने में सक्षम है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि मुझे उनके आदेशों का पालन करने में बेहद खुशी होगी। दीपके ने यहां तक कह दिया कि उनके लिए जान हाजिर है।
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सीजेपी की अगली रणनीति में यह हुआ निर्णय
भले ही आशुतोष और सौरव दास सात दिनों तक तिहाड़ जेल में बंद लेकर आए हैं, लेकिन सीजेपी का जोश अभी भी कम नहीं हुआ है। उन्होंने इस लड़ाई को आगे तक ले जाने के संकेत दिए हैं। अभिजीत दीपके और लीगल हेड रत्ना सिंह ने कहा कि पुलिस की गिरफ्तारियां, कानूनी कार्रवाई केवल उन्हें डराने की कोशिश थी, लेकिन सीजेपी न तो इससे डरने वाली है, ना पीछे हटने वाली है। अभिजीत दीपक ने फिलहाल इस आंदोलन को दीपावली तक ब्रेक देने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली त्योहारों का सीजन है।
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आशुतोष और सौरव दास की उम्र को लेकर विवाद
जेल से रिहा होने के बाद आशुतोष और सौरव दास की उम्र को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दिल्ली हाई कोर्ट में जब सौरव दास और आशुतोष के केस की सुनवाई हुई, तो कोर्ट ने दोनों की उम्र पूछी। इस पर कोर्ट को बताया गया कि सौरभ दास की उम्र 27 साल है और आशुतोष की 31 वर्ष। इस पर कोर्ट ने मजाक में टिप्पणी करते हुए कहा कि तब तो दोनों जेन जी नहीं है। इधर, कोर्ट में यह जानकारी उजागर होने के बाद अब दोनों की उम्र को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही है।

मनीष बागड़ी, राजनीतिक पत्रकार और द पॉलिटिकल टाइम्स के संपादक हैं। पत्रकारिता में 25 वर्ष से अधिक अनुभव के साथ वे पॉलिटिकल आर्टिकल्स, प्रशासनिक खबरों और विशेष स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखते हैं और IAS, IPS जैसे अधिकारियों से जुड़ी विशेष रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, राजनीतिक रैलियां, सभाएं और ऐतिहासिक स्थलों जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका, दैनिक सच्चा सागर, A1 टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल और दैनिक रिपोर्ट्स.com जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्य किया। संपर्क: manishbagdi.reporter@gmail.com | वेबसाइट: www.thepoliticaltimes.live






