जैसलमेर (जगदीश गोस्वामी) : राजस्थान के जैसलमेर में अचानक शुक्रवार को हड़कंप मच गया। इस लोग हैरान हो गए।दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद अचानक फिर से भारत पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर सायरन की आवाज गूंज सुनाई दी गई। इस दौरान एक साथ 11 स्थानों पर डिजिटल सायरन बजे। जिसको सुनते ही लोगों में अफरा तफरी फैल गई, लेकिन बाद में जब लोगों को जानकारी लगी कि यह एक रूटीन टेक्निकल मॉक ड्रिल है। जो आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक अभ्यास है। इस जानकारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को देखते हुए शुक्रवार सुबह 11 बजे 11 स्थानों पर डिजिटल सायरन सिस्टम बजाए गए। सभी सायरन मोबाइल ऐप से ऑपरेट है। इस सिस्टम को 14 लाख 50 हजार की लागत से तैयार किया गया है। यह सायरन सिस्टम पूरी तरह से हाई-टेक है। नगर परिषद की इलेक्ट्रिक विंग ने इसे GSM तकनीक पर आधारित बनाया है, जिसमें सिम कार्ड का उपयोग किया गया है। यह सिस्टम हर समय ऑनलाइन रहता है और इसे एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए कहीं से भी ऑपरेट किया जा सकता है। आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से बस एक क्लिक करते ही शहर के सभी 11 सायरन एक साथ बज उठेंगे।
इस दौरान शुक्रवार को टेस्टिंग के दौरान 11 बजे 11 सायरन लगातार 5 मिनट तक बजे। इस दौरान कई लोग हैरान रह गए। बाद में जिला प्रशासन ने सायरन को लेकर सूचना दी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। नगर परिषद के आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया कि प्रशासन ने शहर के ऐसे 11 व्यस्त और प्रमुख पॉइंट चुने हैं, जहां से आवाज पूरे शहर में सुनी जा सके। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य आगजनी, प्राकृतिक आपदा या किसी भी इमरजेंसी में कम से कम समय में जनता को अलर्ट करना है। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक हाई-टेक बनाने के लिए ये अभ्यास कर रहा है।
पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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