क्या हुआ उस विवाद का? आईएएस मुकुल शर्मा की तो अब हो गई मौज ही मौज, बेचारे मंत्रीजी रह गए देखते

क्या हुआ उस विवाद का? आईएएस मुकुल शर्मा की तो अब हो गई मौज ही मौज, बेचारे मंत्रीजी रह गए देखते
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✍️ बाल मुकुंद जोशी
(वरिष्ठ पत्रकार और समीक्षक)

जयपुर : राजस्थान सीकर नगरपरिषद में हाल ही के महीनों में जो हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा हुआ। एक तरफ कलेक्टर मुकुल शर्मा और दूसरी ओर प्रभारी मंत्री संजय शर्मा. “क्लाइमैक्स” उसका आखिरकार आज आई तबादला सूची में देखने को मिल ही गया, ट्रांसफर तो हुआ, लेकिन अंदाज ऐसा कि साहब सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की छत्रछाया में जा विराजे। अब तो आईएएस मुकुल शर्मा और हो गए पावरफुल। इसको लेकर अब सियासी गलियारों मेें कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। अब तो यहीं चर्चा है कि राज कोई भी हो, अफसरशाही की मौज ही मौज होती है।

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सवाल उठता है कि अब प्रभारी मंत्री जी को कौन समझाए कि अफसरशाही की मिट्टी कुछ अलग ही किस्म की होती है। सत्ता बदले, सरकार बदले, मगर इनकी चमक और जमावट पर खास फर्क नहीं पड़ता। इनका वहीं रूतबा सदा सलामत जिंदा रहता है। कल तक यही मुकुल शर्मा कांग्रेस शासन में रघु शर्मा की कृपा का आनंद ले रहे थे, और आज भाजपा राज में भी उसी ठाठ से स्थापित हैं। यानी सरकारें आती-जाती रहती हैं, मगर अफसर अपनी “स्थिरता” से ही व्यवस्था को समझाते रहते हैं। मंत्री संजय शर्मा के विवाद के बाद बीती रात आई आईएएस की ट्रांसफर लिस्ट में मुकुल शर्मा के बढ़े रूतबे के बाद यह बात सही साबित हो गई है।

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राजनीति में असर अगर पड़ता है, तो वह नेताओं पर मंत्री जी, कुर्सी की गर्मी और ठंडक का एहसास आपको ही ज्यादा होता है, खैर, मामला जब “शर्मा बंधुओं” की पंचायत का हो, तो फैसला भी कुछ यूं ही दिलचस्प होना ही था। अब इस पूरे घटनाक्रम में असली “अप्रैल फूल” कौन बना? यह राज तो आप ही बेहतर जानते होंगे। वैसे जब वन मंत्री संजय शर्मा और कलेक्टर मुकुल शर्मा के बीच जब यह विवाद हुआ, तो प्रशासनिक और सियासी गलियारों में यहीं कयास थे कि दोनों के बीच के इस टकराव से जरूर कोई बड़े परिणाम आएंगे, लेकिन किसी को कहां यह आशा थी कि मुकुल शर्मा इस विवाद के बाद भी यूं इतने पावर फुल हो जाएंगे। सीएम की छत्रछाया मेें पहुंच जाएंगे। इसको लेकर कई लोग अंचभित और हैरान है।

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मंत्री और कलेक्टर के बीच यह हुआ था पूरा विवाद

बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में पर्यावरण और वन मंत्री संजय शर्मा और सीकर के जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा के बीच जमकर विवाद देखने को मिला था, जो सियासी और प्रशासनिक गलियारों में काफी सुर्खियों में रहा। दरअसल, यह विवाद इसलिए हुआ जब सीकर नगर परिषद में शहरी सेवा शिविर के दौरान एवं व्यवस्थाओं को देखकर मंत्री संजय शर्मा बिफर गए। उन्होंने कलेक्टर मुकुल शर्मा पर जमकर गुस्सा निकाला। इसके चलते दोनों में तीखी बहस भी हुई। मंत्री ने कलेक्टर को यहां तक कह दिया कि इन चोरों को प्रोटेक्शन देने की जरूरत नहीं है और यह भी कह डाला कि आप इस जिले के मुखिया है, या चोरों के। बाद में कलेक्टर से नाराज मंत्री संजय शर्मा शिविर छोड़कर चले गए थे।

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मनीष बागड़ी, Author

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।Follow us - manishbagdi.reporter@gmail.com, www.thepoliticaltimes.live,
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