क्या वाकई वसुंधरा राजे का समय गया? राजे की इस बात से सियासत में मचा हडकम्प

क्या वाकई वसुंधरा राजे का समय गया? राजे की इस बात से सियासत में मचा हडकम्प
Spread the love

जयपुर : राजस्थान की बीजेपी के कद्यावर नेता और दो बार की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का 10 सेकंड का एक वीडियो सियासत में जमकर चर्चा का विषय बना हुआ हैं। इसको लेकर अब सियासत में नई बहस शुरू हो गई है। इस वीडियो में वसुंधरा राजे का आखिर दर्द छलक आया हैं। उन्होंने सार्वजनिक समारोह में मंच से यह स्वीकार कर लिया कि अब उनका समय चला गया हैं। वह खुद भी अपने को नहीं बचा सकी। वसुंधरा राजे का यह बयान इस बार उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाएं जाने से जोड़कर देखा जा रहा है। इस उनके इस बयान से अब सियासी गलियारों में न केवल हलचल मची हुई है, बल्कि राजनीतिक जानकार इसके कई तरह के मायने भी निकाल रहे हैं।

यह भी पढ़ें : कपड़ों की प्रेस करने वाले को 598 करोड़ का नोटिस! होश उड़ा देगी खबर

 

मेरा समय अब चला गया है : वसुंधरा राजे

दरअसल, झालावाड़ में वसुंधरा राजे के पुत्र और सांसद दुष्यंत सिंह कामखेड़ा बालाजी धाम मंदिर में दर्शन करने के साथ पदयात्रा का चतुर्थ चरण शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में वसुंधरा राजे संबोधित कर रही थी। इस बीच उनका अपना दर्द छलकने का यह वीडियो सामने आया। जिसमें वसुंधरा राजे कह रही है कि लोग कहते हैं कि मेरा काम नहीं हुआ करवाओ…भैया मैं नहीं लड़ सकती.. अब तो मेरा ही चला गया और नहीं बचा सकी। यह कहती हुई पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मंच पर मुस्कुरा उठी। उनका यह बयान अब सियासत में जमकर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके कई मतलब निकाले जा रहे है।

यह भी पढ़ें : हेड कांस्टेबल को खुद की पिस्टल से लग गई गोली! पेट के हुई आरपार

क्या मुख्यमंत्री नहीं बनने का अभी तक है दर्द

राजस्थान की बीजेपी की दिग्गज वसुंधरा राजे प्रदेश में दो बार सरकार की मुखिया रह चुकी हैं। उनका सियासी कद न केवल राजस्थान में बुलंद हैं, बल्कि उनका जलवा राष्ट्रीय स्तर पर भी देखा जाता हैं। इस बीच वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश में बड़ा बदलाव किया और दो बार की मुख्यमंत्री रह चुकी वसुंधरा राज्य को दरकिनार कर दिया। जिससे प्रदेश की सियासत हतप्रभ रह गई। केंद्रीय नेतृत्व ने पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया। यह सियासी घटनाक्रम देश की राजनीति में भी बड़ा उठा पटक माना गया। इधर, राजे के इस बयान के बाद सियासी गलियां में यह चर्चा फिर शुरू हो गई कि क्या वसुंधरा राजे अब तक मुख्यमंत्री नहीं बनने का दर्द भूल नहीं भूल पाई है?

यह भी पढ़ें : हाई प्रोफाइल लोगों से 12 करोड़ से अधिक की ठगी! फिर पुलिस के जाल में फंसा

स्थापना दिवस पर भी वसुंधरा का भाषण रहा सुर्खियों में

बीते दिनों भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर भी वसुंधरा राजे का भाषण काफी सियासी सुर्खियों में रहा। उन्होंने इशारों में निशाना साधते हुए कई बड़े बाते की। उन्होंने कहा कि पार्टी में बिना किसी पद के लालच के काम करना चाहिए, कभी पद की लालसा नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि अगर पार्टी में काम करोगे, तो पद चलकर आएगा। इसलिए काम कीजिए। उन्होंने इशारे में कहा कि पार्टी में उन लोगों को महत्व मिलना चाहिए, जिन्होंने संघर्ष किया है, उन लोगों को राजनीतिक नियुक्तियां और पद मिलना चाहिए। ऐसे लोगों को नहीं मिलना चाहिए, जो केवल अवसरवादी हो। राजे के इस भाषण के भी कई मतलब निकाले गए।

यह भी पढ़ें : बेकाबू ट्रैक्टर ने रौंद दिया युवक को, सीसीटीवी में घटना हुई कैद

मंच पर चढ़ी वसुंधरा राजे और बैठ गई नीचे जाजम पर, देखकर लोग हुए हैरान

 

मनीष बागड़ी, Author

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।Follow us - manishbagdi.reporter@gmail.com, www.thepoliticaltimes.live,
error: Content is protected !!