कुत्ते की अंतिम विदाई में उमड़े ग्रामीण, इस वजह से ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ दी विदाई, हैरान कर देगी खबर

कुत्ते की अंतिम विदाई में उमड़े ग्रामीण, इस वजह से ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ दी विदाई, हैरान कर देगी खबर
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दिनेश गहलोत/भूपेंद्र दत्त

अजमेर/ब्यावर : राजस्थान के ब्यावर में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया, जिसे सुनकर लोगों की आंखें नम हो गई। दरअसल, यह मामला एक कुत्ते से जुड़ा हुआ है, जिसे लोग गांव में प्यार से ‘डाॅगसा’ कहते थे, जो गांव में किसी भी की भी मौत होती, तो वहां शोक व्यक्त करने जाता था। यही नहीं वह अंतिम संस्कार होने तक किसी परिचित की भांति बैठा रहता था, लेकिन आज वह इस दुनिया से विदा हो गया। अब तक वह लोगों को अंतिम विदाई देने जाता था, लेकिन आज उसकी मौत पर गांव के लोग उसे अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच गए। इस दौरान गांव के लोगों ने कुत्ते को गाजे-बाजे के साथ रामधुनी करते हुए अनंत की यात्रा के लिए विदा किया। यह मामला अब सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

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गांव के लोगों ने मिलकर कुत्ते को दी अंतिम विदाई

हैरान कर देने वाला यह मामला ब्यावर जिले के राजियावास गांव का है, जहां लोगों को इस कुत्ते के निधन पर भावुक कर दिया। इस दौरान गांव के लोग कुत्ते को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित हुए, जहां पूरे विधि विधान और गाजे बाजे के साथ कुत्ते की अंतिम यात्रा में रवाना हुए। इस दौरान रामधुनी भी की गई। बाद में उसका अंतिम संस्कार किया गया। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस दौरान कुत्ते की शव यात्रा आशुपुरा माता मंदिर से रवाना होकर राजियावास मुक्ति धाम मंदिर पहुंची। कुत्ते के निधन पर अब गांव में 12वें का कार्यक्रम भी रखा गया है, जो 15 जनवरी को आयोजित होगा। जिसकी काफी चर्चा हो रही है।

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लोगों को पढ़ा गया इंसानियत का पाठ

राजियावास गांव का यह कुत्ता लोगों को जाते-जाते इंसानियत का पाठ पढ़ा गया। गांव के सरपंच ने बताया कि कुत्ते की मौत पर गांव के लोग भी भावुक है और उनकी आंखें नम हो गई। यह कुत्ता काफी समय से गांव में रह रहा था, जहां जब भी किसी व्यक्ति की मौत होती, तो वह शोक व्यक्त करने की भांति वहां पहुंच जाता। यहां तक की अंतिम संस्कार के दौरान भी वह किसी परिचित की भांति बैठा रहता। कुत्ते के इस भाव को देखकर उसने लोगों का दिल जीत लिया था। आज जब कुत्ते का निधन हुआ, तो उसकी इस अच्छाई को याद कर लोग भावुक हो गए। अब तक वह लोगों की अंतिम यात्रा में विदाई देने जाता था, लेकिन आज गांव के उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे।

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पाली में गाय की मौत पर गैस सेवक ने रखी थी शोक सभा

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में पाली में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां एक गौ सेवक जगदीश रावल की सबसे प्रिय गए काजल की 16 दिसंबर को मौत हो गई थी। इसको लेकर गौ सेवक जगदीश रावल ने 26 दिसंबर को अपने फार्म हाउस पर शोक सभा का आयोजन किया था। इसमें गौ सेवक जगदीश रावल ने प्रसादी का कार्यक्रम भी आयोजित किया। जगदीश इस गाय को अपने परिजनों की तरह मानता था। यह मामला भी सोशल मीडिया में काफी सुर्खियों में रहा।

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मनीष बागड़ी, Chief Editor

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। Follow us - www.thepoliticaltimes.live