जयपुर : राजस्थान विधानसभा में बीते दिनों बजट पेश किया गया। इसको लेकर अब सदन में बहस चल रही है। इस बीच भजनलाल सरकार ने अपने कर राजस्व को लेकर आंकड़े उजागर किए हैं। इसके तहत इस बार सरकारी खजाना में पिछले साल 2025-26 में 34.10 प्रतिशत अधिक बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे सीएम भजनलाल के नेतृत्व में वित्तीय प्रबंधन के चलते यह परिणाम देखने को मिला है। इसके तहत राज्य उत्पादन शुल्क, मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क समेत कई प्रकार के कर राजस्व में यह बढ़ोतरी शामिल है।
आय-व्ययक अध्ययन 2026-27 के अनुसार वर्ष 2022-23 में राज्य का स्वयं का कर राजस्व 87 हजार 347 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2023-24 में 7.72 प्रतिशत वृद्धि के साथ 94 हजार 86 करोड़ रुपये हो गया। इसी प्रकार, वर्ष 2024-25 में 9.80 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1 लाख 3 हजार 310 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि आगे और तेज हुई तथा संशोधित अनुमान 2025-26 में यह राशि 34.10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1 लाख 38 हजार 540 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बजट अनुमान 2026-27 में स्वयं का कर राजस्व 1 लाख 62 हजार 668 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, जोकि पिछले वर्ष से लगभग 17.41 प्रतिशत अधिक है। साथ ही, यह अनुमानित वृद्धि वर्ष 2023-24 की तुलना में लगभग 72.9 प्रतिशत है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कर पद्धति, डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन और निरंतर सुधारों के फलस्वरूप राज्य सरकार के राजस्व में उपरोक्त उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य वस्तु एवं सेवा कर, राज्य उत्पाद शुल्क, मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क, भू-राजस्व तथा बिक्री कर जैसे प्रमुख मद शामिल है। राज्य के स्वयं के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में सहायक सिद्ध होगी। इस वृद्धि से आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में अधिक निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेगी।
पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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