भेड़ बकरियां लेकर पहुंच गए एसडीएम कार्यालय, फिर पुलिस और ग्रामीणों में हुई धक्का मुक्की, जानिए क्यों

भेड़ बकरियां लेकर पहुंच गए एसडीएम कार्यालय, फिर पुलिस और ग्रामीणों में हुई धक्का मुक्की, जानिए क्यों
Spread the love

दौसा : राजस्थान के दौसा में गुरुवार को चारागाह भूमि पर जीएसएस बनाने के विरोध में ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया।ग्रामीण मामले के सुनवाई नहीं होते देखकर गोवंश और भेड़ बकरियों को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में घुसने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक धक्का मुक्की हुई। मामला काफी तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने जीएसएस बनाने के विरोध में जमकर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया।

यह भी पढ़ें : ब्यावर में सवारी के दौरान बादशाह को आया हार्ट अटैक! लाख प्रयास के बाद भी हुई मौत, देखिए Video

प्रदर्शन

भेड़ बकरियां लेकर पहुंच गए एसडीएम कार्यालय

दरअसल, यह मामला दौसा जिले के महुआ क्षेत्र का है, जहां कुतकपुर गांव में 220 KV जीएसएस बनाया जा रहा है। इसको लेकर ग्रामीण 168 दिनों से लगतार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।चारागाह भूमि पर बन रहे जीएसएस के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण गोवंश और भेड़ बकरियों को लेकर एसडीएम कार्यालय की तरफ पैदल कूच कर गए। इस दौरान महुआ हिंडौन सिटी स्टेट हाईवे पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।

यह भी पढ़ें : खाटू श्याम के श्रद्धालुओं के साथ बड़ा हादसा, फिल्मी स्टाईल में पलट गई कार और मच गया कोहराम!

एसडीएम कार्यालय के बाहर हुई धक्का मुक्की

इधर, ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां अपनी मांगों को लेकर जोर-जोर से प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान एसडीएम कार्यालय पर बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात था। ग्रामीण एसडीएम कार्यालय में जबरन घुसने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस बीच ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी देर तक तनातनी हुई। साथ ही धक्का मुक्की की घटना हुई। इससे वहां हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर जीएसएस निर्माण को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

यह भी पढ़ें : होली पर दो समुदायों में हो गई “राड”, पथराव से लोगों के फूट गए सिर, जानिए क्यों हो गया बवाल

एसडीएम को ज्ञापन देकर दी अंतिम चेतावनी

एसडीएम कार्यालय के बाहर काफी देर तक ग्रामीणों ने बवाल किया। बाद में पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह की अगवाई में एसडीएम को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने बताया कि यह ज्ञापन अंतिम रूप से चेतावनी के तौर पर दिया जा रहा है। अगर इसके बावजूद भी ग्रामीणों की मांग नहीं मानी गई, तो ग्रामीण विधायक जनसुनवाई केंद्र के गेट पर बाद धरना प्रदर्शन करेंगे। जब तक यह समस्या का निदान नहीं होगा। तब तक सुनवाई केंद्र में भी किसी को बैठने नहीं दिया जाएगा।

मनीष बागड़ी, Chief Editor

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। Follow us - www.thepoliticaltimes.live
error: Content is protected !!