टोंक/जयपुर : राजस्थान के टोंक में पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया का एक वीडियो सियासत में बवाल खड़ा कर रहा हैं। इस वीडियो में सुखबीर सिंह जौनापुरिया कंबल वितरण करने के दौरान एक मुस्लिम महिला से नाम पूछकर वापस कंबल ले लेते हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने से सियासी गलियारों मंे न केेवल हलचल मची हुई, वहीं बहस भी छिड़ गई। सोशल मीडिया यूजर्स भी इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जबकि सियासी नजरिए से इस वीडियो को सुखबीर सिंह जौनापुरिया का एक पब्लिसिटी स्टंट भी माना जा रहा है। इसको लेकर सबके अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं।
क्या पब्लिसिटी पाने के लिए जौनापुरिया ने यह सब किया!
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सुखबीर सिंह जौनापुरिया को ट्रोल करने की बाढ़ आ चुकी है। इस बीच प्रदेश एक वरिष्ठ पत्रकार अरविंद चोटिया का सोशल मीडिया पोस्ट भी इसको लेकर सामने आया है, जो काफी चर्चा में है, लोग इसे काफी हदतक सहीं भी बता रहे हैं। चोटिया ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इसे एक पब्लिसिटी स्टंट भी बताया है। उन्होंने लिखा कि टोंक के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया जो चाहते थे, वह हो गया। ऐसे ही असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा भी कुछ दिन पहले जो चाहते थे, वह हो गया था। उन्होंने आगे लिखा कि दरअसल सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने उद्देश्य के लिए जिसे करना आता है, वह बहुत चतुराई से कर जाता है।
इधर, सियासी गलियारों में यह चर्चा हो रही कि चुनाव हारने के सुखबीर सिंह मानों सियासत की सुर्खियों से गायब ही हो गए थे, लेकिन उनका यह विवादित वीडिया उनके लिए अब संजीवनी बन कर उबरा हैं। पत्रकार अरविंद चोटिया भी कुछ ऐसी ही बात कह हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अगर सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को मुस्लिम महिलाओं को अगर कंबल नहीं देना होता, तो वह उन्हें कार्यकर्ता से पहले ही कहकर वहां से हटा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया, क्योंकि वह उद्देश्य पूरा नहीं होता, जो अब हो गया। अब सुखबीर सिंह जौनपुरिया मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में है, जो वह चाहते थे पूरा हो गया।
क्या राज्यसभा चुनाव को लेकर तो नहीं है, जौनापुरिया की नजर
बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव 2024 में टोंक से सुखबीर सिंह जौनापुरिया को पराजय का सामना करना पड़ा था। दो बार सांसद रहने के बाद उन्हें हराकर देवली के विधायक हरीश मीणा चुनाव जीते थे। इसके बाद से सुखबीर सिंह जौनपुरिया सियासत की सुर्खियों में लगभग गायब हो गए। इधर, पत्रकार अरविंद चोटिया का इस वायरल वीडियो को लेकर एक तर्क यह भी है कि देश की 37 सीटों पर राज्यसभा के चुनाव होने वाले हैं, तो कहीं उनका यह स्टंट राज्यसभा चुनाव से जुड़ा हुआ तो नहीं है। इसके माध्यम से सुर्खियां बटोरना उनका कोई सियासी दांव पेच हो! उन्होंने लिखा कि जब किसी को कोई नहीं पूछता है, तो कुछ ऐसा करना पड़ता है कि वह लोगों की नजर में आ जाए और उनका उद्देश्य पूरा हो जाए।
दरअसल, यह विवाद पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया के उस वीडियो से शुरू हुआ। जिसमें वह निवाई क्षेत्र के करेड़ा गांव में जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरण कर रहे थे इस बीच उन्होंने एक मुस्लिम महिला से उसका नाम पूछा और उससे दिया हुआ कंबल वापस ले लिया। इस दौरान वीडियो में पूर्व सांसद यह कहते हुए नजर आए कि, जो मोदी को गाली देने वाला है, उसे यहां रहने का हक नहीं है। इस चाहे भला लगे या बुरा लगे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसको लेकर लोग सुखबीर सिंह जौनापुरिया की आलोचना कर रहे हैं।
यह कोई संयोग नहीं, सिर्फ प्रयोग है … और हम सब इस प्रयोग का हिस्सा भर हैं टोंक के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया जो चाहते थे, वह हो गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा भी कुछ दिन पहले जो चाहते थे वह हो गया। दरअसल सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने उद्देश्य के लिए जिसे करना… pic.twitter.com/TDVSSHD0EQ
पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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