नरेश मीणा अब नहीं करेंगे जयपुर कूच, जन आंदोलन कर दिया स्थगित, अचानक क्या रहीं वजह?
टोंक : युवा नेता नरेश मीणा का 11 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा जन आंदोलन समाप्त हो गया है। नरेश मीणा अब जयपुर कूच नहीं करेंगे। दरअसल, प्रशासन ने नरेश मीणा की मांगों को मान लिया है। यह अजमेर संभागीय आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद हुआ। इस दौरान शुक्रवार देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नरेश मीणा के साथ वार्ता रही। इस वार्ता में संभागीय आयुक्त के आश्वासन के बाद सभी मांगे मान ली गई। इसकी घोषणा टोंक एडीएम ने दी। इसके बाद नरेश ने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।
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देर रात अधिकारियों से वार्ता के बाद मांगे स्वीकार की
नरेश मीणा ने शुक्रवार दोपहर कोटडी गांव में समरावता कांड और किसानों से जुड़ी हुई 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जन आंदोलन का आगाज किया था। इसके बाद अपने सैकड़ांे समर्थकों के साथ नरेश मीणा जयपुर के लिए रवाना हुए। इस दौरान अलीगढ़ के समीप एडीएम राम रतन सौकरिया समेत पुलिस और अन्य अधिकारियों ने नरेश के काफिले को रोक दिया, जहां देर रात तक नरेश मीणा के साथ वार्ता जारी रही। बाद में संभागीय आयुक्त अजमेर के हस्तक्षेप के बाद नरेश मीणा की मांगे मान ली गई। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
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एडीएम रामरतन ने वार्ता को लेकर जानकारी दी
नरेश मीणा के साथ देर रात अधिकारियों की वार्ता संपन्न हुई। इस दौरान अजमेर संभागीय आयुक्त के हस्तक्षेप पर वार्ता का नतीजा निकला। इसके बाद एडीएम राम रतन ने मीडिया के सामने वार्ता को लेकर ब्रीफिंग दी। इसमें उन्होंने बताया कि समरावता कांड में जिन लोगों को मुआवजा नहीं मिला है, उनको जल्द मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा सभी मांगों पर सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि समरावता कांड के दौरान जो मुकदमे दर्ज करवाए गए, उन्हें वापस लेने, सीमा विवाद के चलते 5 ग्राम पंचायतों को देवली से हटाकर फिर से उनियारा में शामिल करने के प्रस्तावों को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा संभागीय आयुक्त चार-पांच दिन में अतिरिक्त मुख्य सचिव से विभिन मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे।
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जयपुर कूच करने की घोषणा से सरकार आई हरकत में
नरेश मीणा ने शुक्रवार को अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ जयपुर कूच करने की घोषणा की। इसके बाद सरकार और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। इधर, सरकार नहीं चाहती थी कि विधानसभा में बजट सत्र के बीच राजधानी में यह नया बवाल हो। इस पर सरकार ने टोंक जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को एक्टिव कर दिया। इस पर एडीएम राम रतन समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अलीगढ़ पहुंच गए, जहां टोंक की तरफ बढ़ रहे नरेश मीणा के काफिले को रोक दिया और देर रात तक समझाइश कर इसका निपटारा किया।
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