टोंक : राजस्थान के टोंक (Tonk) में बुधवार को एक कार से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने की घटना से हड़कंप मचा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले को अब गंभीर बनी हुई। आईबी (IB) के बाद इस मामले में एनआईए (NIA) ने एंट्री कर ली। इसको लेकर टोंक में गुरुवार को एनआईए की टीम जांच के लिए पहुंची, जहां उन्होंने टोंक एसपी से पूरे मामले को लेकर फीडबैक लिया। साथ ही दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। टोंक में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री आने को लेकर एनआईए विस्फोटक की सप्लाई के पीछे क्या मकसद है? इसको लेकर गहनता से जांच में जुट गई है।
बता दें कि बुधवार को डीएसटी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से डेढ़ सौ किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। बड़ी भारी मात्रा में विस्फोटक टोंक आने की घटना से अब सुरक्षा एजेसियां अलर्ट हो गई है। इस मामले में एनआईए ने एंट्री मारते हुए जांच का जिम्मा संभाला है। इसको लेकर गुरुवार को एनआईए के अधिकारी टोंक पहुंचे, जहां उन्होंने टोंक एसपी राजेश कुमार मीणा से पूरे मामले को लेकर फीडबैक लिया। इससे पहले अधिकारियों ने बरौनी पुलिस थाने पहुंचकर आरोपियों से भी पूछताछ की।
टोंक डीएसटी की ओर से पकड़ी गई विस्फोटक सामग्री को लेकर सारी सुरक्षा एजेंसियां अब अलर्ट मोड पर हैं। बताया जा रहा कि एनआईए से पहले आईबी के अधिकारी भी टोंक पहुंचे, जहां उन्होंने मामले की जानकारी ली। इधर, सुरक्षा एजेंसियों के लगातार एक्टिव होने से यह मामला काफी चर्चा में आ गया है। एनआईए इस जांच में जुटकर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर क्या वजह रही है कि टोंक में इतनी विस्फोटक सामग्री सप्लाई हुई। बता दंे कि जो विस्फोटक सामग्री अमोनियम नाइट्रेट मिला है, वह सामान्यतः माइंस में ब्लास्ट करने के लिए काम में आता है। फिर भी एनआईए समेत सुरक्षा एजेंसियां विस्फोटक सामग्री की सप्लाई की सटीक वजह को जानने में जुटी हुई हैं।
बता दें कि टोंक सिटी के डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि टोंक में बड़ी संख्या में विस्फोटक सामग्री सप्लाई होने के लिए आ रही है। इस पर उन्होंने डीएसटी टीम को इसके लिए अलर्ट किया, जहां बरौनी थाना इलाके में नाकाबंदी कर एक मारुति कार की तलाशी ली, तो उसमें यूरिया खाद के कट्टों में छुपा कर ले जा रहे 150 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपी सुरेंद्र पटवा और सुरेंद्र मोची को गिरफ्तार किया था।
इधर, टोंक एसपी राजेश कुमार मीणा ने विस्फोटक सामग्री मामले को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सुरक्षा एजंसियां अलर्ट है, लेकिन प्राथमिक जांच के अनुसार जो बात निकल कर आ रही है, उसके हिसाब से यह विस्फोटक सामग्री अनलीगल माइंस में ब्लास्ट करने के लिए लाई गई है। जो आरोपियों ने पूछताछ में बताया है। एसपी ने बताया कि इस मामले को लेकर कुछ और लोगों को डिटेन किया है, जिनसे भी पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले लेकर पूरी तरह गंभीर है। विस्फोटक सामग्री किस जगह से लाई गई है? इस प्रकरण में कौन-कौन शामिल हैं। इससे पहले भी कहां-कहां सप्लाई हुई? इसकी लगातार पड़ताल कर रही है।
पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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