नरेश मीणा बोले, मुझे मारने की सुपारी दी जा रही है! किनके नाम गिनाएं?

नरेश मीणा बोले, मुझे मारने की सुपारी दी जा रही है! किनके नाम गिनाएं?
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जयपुर : थप्पड़ कांड से चर्चित हुए नरेश मीणा ने झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। उन्होंने हादसे के शिकार बच्चों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए 12 सितंबर की शाम को जयपुर के शहीद स्मारक से अनशन करने की घोषणा की। इस बीच उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि मुझे मारने के लिए अब सुपारी दी जा रही है, लेकिन मैं इन बच्चों को न्याय दिलाने के लिए चुप नहीं रहूंगा। अपना बलिदान दे दूंगा।

नरेश मीणा

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मुझे मारने के लिए सुपारी दी जा रही है – नरेश

शहीद स्मारक पर आंदोलन करने की घौषणा के बाद सियासत में हलचल मच गई है। उन्होंने एक इन्टरव्यू में कहा कि मैं आमरण अनशन करूंगा, हॉस्पिटल में चले जाऊंगा। मैं जानता हूं कि कई नेता, भ्रष्टाचारी चाह रहे हैं कि नरेश मीणा मर जाए। नरेश ने आगे बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुझे मारने के लिए सुपारी दी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि यदि मुझे मरना ही है, तो मैं इन बच्चों के लिए क्यों ना मरु? उन्होंने कहा कि जो लोग फेसबुक और सोशल मीडिया पर मुझे धेर्य और हिम्मत रखने की बात कर रहे हैं। मुझे ऐसे लोगों की कोई जरूरत नहीं है, जो मुझे यह सलाह दे रहे हैं और मेरे जोश और जुनून को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, वह नेताओं के चमचे और दलाल है, जो सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं कि नरेश मीणा गुस्सा कम करें, नरेश मीणा धेर्य रखें।

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नरेश मीणा

मैं मरुंगा तो क्रांति और जागृति जरूर आएगी

उन्होंने आगे कहा कि सात बच्चे मर गए, 76 गांव के लोग डूंगरी बांध के कारण मर जाएंगे और मैं चुप रहूं। उन्होंने गरजते हुए कहा कि मैं चुप नहीं बैठूंगा, जिसको मेरे साथ आना है आएं, जिसको नहीं आना है मत आएं। नरेश मीणा ने कहा कि बच्चों के लिए भूख हड़ताल, आमरण अनशन करूंगा, बलिदान दूंगा। मैं अन्न, जल त्याग करूंगा। उन्होंने कहा कि जो लोग चाहते हैं कि नरेश मीणा मर जाए तो मर जाऊंगा, लेकिन इससे राजस्थान में क्रांति और जागृति तो आएगी।

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इन मांगों को लेकर नरेश मीणा दे रहे है धरना

बता दें कि बीते दिनों झालावाड़ के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे में 7 बच्चों के दर्दनाक मौत हुई। इसको लेकर राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को 10-10 लाख की आर्थिक सहायता देने और परिवार की एक सदस्यों को संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की थी, लेकिन नरेश मीणा इस सहायता से खुश नहीं है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इधर, नरेश मीणा के आंदोलन में अब पीड़ित बच्चों के परिवार के सदस्य भी शामिल हो गए हैं। नरेश मीणा का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आमरण अनशन करेंगे।

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मनीष बागड़ी, Chief Editor

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। Follow us - www.thepoliticaltimes.live
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