विधानसभा में विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत! टीकाराम जूली अब सदन नही चलने देंगे, जानिए क्यों

विधानसभा में विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत! टीकाराम जूली अब सदन नही चलने देंगे, जानिए क्यों
Spread the love

Rajasthan Assembly News जयपुर : राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को हिंगोनिया गौशाला में बछड़े की हत्या का मुद्दा जमकर गरमाया। इसको लेकर कांग्रेस ने सरकार को जमकर घेरा। इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के विधायक के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tikaram Jully) ने सदन में जब यह मुद्दा उठाया, तो काफी देर तक हंगामा हुआ। इसके चलते विधानसभा 6 बार स्थगित भी हुई। मीडिया से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया कि सदन में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा (Gopal Sharma) उनकी तरफ आग बबूला होकर आक्रामक होकर आए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं रुके। जूली ने मीडिया में कहा कि इस मामले को लेकर लिखित में शिकायत दी जाएगी। साथ ही उन्होंने इस कार्रवाई नहीं होने तक सदन नहीं चलने की चेतावनी दी है। इधर, भजनलाल सरकार की तरफ से बयान सामने आया कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए बेवजह हंगामा कर रही है।

यह भी पढ़ें : गोविंद सिंह डोटासरा भी चौक गए अपने ही डुप्लीकेट शख्स को देखकर, फिर हुआ मजेदार किस्सा, देखिए VIDEO

बीजेपी विधायक मेरी तरफ आक्रामक होकर आए  : जूली

दरअसल, बीते दिनों जयपुर की हिंगोनिया गौशाला में एक बछड़े की मौत हुई। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि इस मामले में बीजेपी का एक कार्यकर्ता भी शामिल है, जिसे बीजेपी के विधायक बचाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक गोपाल शर्मा ने जमकर हंगामा कर दिया। विधानसभा के बाद टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा विपक्ष की तरफ आग बबूला होकर आक्रामक मुद्रा से आए। उनका इरादा हाथापाई करने जैसा लग रहा था। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह फिर भी नहीं माने।

यह भी पढ़ें : अशोक गहलोत ने तो बुढ़ापे में ‘छोरी’ पैदा की, बीजेपी के यह विधायक क्या बोल गए? Video देखकर लोटपोट हो जाओगे

कार्रवाई नहीं हुई तो विधानसभा नहीं चलने देंगे

इधर, जयपुर गौशाला के मुद्दे को लेकर विधानसभा में दिनभर हंगामा होता रहा। इस बीच छह बार विधानसभा स्थगित हो गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीकाराम जूली ने भाजपा विधायक के सदन में व्यवहार को लेकर निंदा की। साथ ही उन्होंने कहा कि विधायक का अनुचित आचरण है। इसके चलते स्पीकर को लिखित में शिकायत दी जाएगी। साथ ही स्पीकर से इस पर कार्रवाई का वीडियो भी देखने का आग्रह किया जाएगा। इस दौरान जूली ने चेतावनी दी है कि जब तक बीजेपी विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सदन नहीं चलने देंगे।

यह भी पढ़ें : सांसद उम्मेदाराम का ऐलान! अब सड़क पर होगा आरपार, जानिए क्यों सांसद के ऐलान से मच गई खलबली

बीजेपी विधायक के सवाल से शुरू हुआ हंगामा

दरअसल, यह हंगामा सरकार के ही हवा महल विधायक बालमुकुंद आचार्य के सवाल से शुरू हुआ। जब उन्होंने मंगलवार को सवाल किया कि ‘क्या भजन लाल सरकार गाय को राज्य माता का दर्जा देने पर कोई विचार कर रही है?’ इस पर जब मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि गाय को राज्य माता का दर्जा देने का कोई विचाराधीन मामला नहीं है। बस इस जवाब पर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी कर दी। कांग्रेस विधायकों ने सदन में गाय के कटे सिर के पोस्टर लहराने शुरू कर दिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गहरी आपत्ति जताई। इधर, सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि यदि इस मामले में अगर मेरा कोई आदमी शामिल होता है, तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।

यह भी पढ़ें : तहसीलदार की क्या औकात होती? कांग्रेसी विधायक ने आखिर अधिकारी को क्यों बताई औकात, जानिए

सरकार की तरफ से हंगामा पर यह आया जवाब

सरकारी मुख्य सचेतक एवं विधायक जागेश्वर गर्ग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज सदन में प्रतिपक्ष द्वारा एक स्थानीय घटना को आधार बनाकर अनावश्यक हंगामा किया गया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी तथा उसके माननीय विधायकों पर निराधार और राजनीतिक आरोप लगाए गए, जिन्हें हम पूर्णतः अस्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हुए भारतीय जनता पार्टी को “गो हत्यारा” सिद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने कहा मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि जिन दलों का इतिहास स्वयं गंभीर विवादों और निर्णयों से जुड़ा रहा है, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। देश का इतिहास इस बात का साक्षी है कि गौसंरक्षण के प्रश्न पर पूर्व में भी बड़े आंदोलन हुए हैं।

यह भी पढ़ें : तालाब में डूबी कार में से निकले 2 युवकों के शव, सवा महिने बाद लगा पता, जानिए क्या हुआ उस दिन

मुंह में ठूंस दी पिस्टल और कहा जिंदा रहना है नहीं, राजस्थान में बदमाशों का यह कैसा “कहर”

मनीष बागड़ी, Chief Editor

पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है। Follow us - www.thepoliticaltimes.live
error: Content is protected !!