जयपुर : राजस्थान में भजनलाल सरकार (Bhajan Lal Government) का एक और अजीबो गरीब फरमान सुर्खियों में है। बीते दिनों सरकारी स्कूलों में श्वान भगाने के लिए टीचरों को जिम्मेदारी सौंप गई थी, लेकिन अब फिर से ऐसा एक और आदेश सामने आया है, जिसमें चिकित्सालय से अब श्वान को भगाने की जिम्मेदारी एक महिला डॉक्टर को सौंपी गई है। यह आदेश सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tikaram Jully) ने भजनलाल सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस आदेश को ट्वीट करते हुए सियासी हमला किया।
मुख्यमंत्री जी, आखिर कुछ तो शर्म करो : टीकाराम जूली
बता दें कि बीते दिनों स्कूलों से टीचरों को श्वान भगाने का एक आदेश दिया गया था। जिसको लेकर सियासत काफी गर्म रही। इस बीच फिर से जोधपुर मेडिकल काॅलेज में एक महिला डॉक्टर को श्वान भगाने की जिम्मेदारी सौंपने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हमला किया हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर निशाना साधते हुए लिखा कि ‘5 साल बनाम 2 साल का ढोल पीटने वालों की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि सरकारी चिकित्सक अब मरीजों को नहीं देखेंगे, अब वे आवारा “श्वानों (डॉग) को हटाने एवं प्रवेश की रोकथाम करेंगे। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा जी, प्रदेश की इस “ऐतिहासिक उपलब्धि” को भी सरकार की फेहरिस्त में जोड़ लीजिए। मुख्यमंत्री जी, आखिर कुछ तो शर्म करो।’
जोधपुर की पीएमओ ने श्वान भगाने के लिए दिया यह आदेश
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की ओर से ट्वीट किए गए यह आदेश जोधपुर से सामने आया है। जहां मंडोर जिला अस्पताल की पीएमओ ने यह आदेश जारी किया। जिसमें उन्होंने जोधपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को पत्र लिखकर बताया कि 9 जनवरी को जोधपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में किए गए निर्णय से अवगत कराया। इसके तहत आदेश में लिखा कि इस संस्थान में आवारा श्वान को हटाने और उनका प्रवेश रोकने के लिए अस्पताल के दंत चिकित्सक डॉक्टर निर्मला बिश्नोई को नोडल अधिकारी बनाया है। साथ ही उन्हें आयुक्त नगर निगम जोधपुर से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह आदेश पीएमओ डॉक्टर मंजू भंसाली के हस्ताक्षर से जारी हुआ है।
श्वान को लेकर शिक्षा मंत्री का बयान भी रहा था चर्चा
बता दें कि स्कूलों में श्वान भगाने को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का एक बयान काफी चर्चा में रहा। दरअसल, शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा था कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए उन्होंने निर्देश जारी किया कि स्कूलों में आवारा कुत्ते घुस जाते हैं, उन्हें भागना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल में कोई कुत्ता किसी बच्चे को काट लेता है, तो इसके लिए स्कूल प्रशासन जिम्मेदार होगा। उनका जब बयान काफी चर्चा में रहा। इसे कांग्रेस ने जमकर मुद्दा बनाया। इस आदेश को लेकर विभिन्न संगठनों ने विरोध भी किया।
पॉलिटिकल आर्टिकल्स लिखना पसंद है, पत्रकारिता में 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में नवभारत टाइम्स (NBT) में 'स्टेट पॉलिटिकल आर्टिकल्स' लिखता हूं, पत्रकारिता के इस सफर में राजस्थान पत्रिका, A1टीवी, न्यूज़ इंडिया, Network 10, हर खबर न्यूज़ चैनल, दैनिक रिपोर्टर्स.com जैसे न्यूज़ प्लेटफार्म पर भी कार्य किया है।
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